कवर्धा

आनंद तिवरी के द्वारा नियमित  निरीक्षण नहीं  करने के कारण, समय पर नहीं खुल रहा है जिला के आंगनवाड़ी केन्द्र

आनंद तिवरी के द्वारा नियमित  निरीक्षण नहीं  करने के कारण, समय पर नहीं खुल रहा है जिला के आंगनवाड़ी केन्द्र

कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति

,कवर्धा,,,सरकार के द्वारा बच्चो को प्री नर्सरी की शिक्षा और संपूर्ण विकास के लिए आंगनवाडी केन्द्र संचालित किया जाता है । कबीरधाम जिला में लगभग एक हजार छः सौ के आसपास आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है । गर्मी को देखते हुआ बच्चो के हित को ध्यान में रख कर सरकार ने 8 अप्रैल से केंद्र संचालन का समय सुबह आठ बजे से ग्यारह बजे तक का समय निर्धारित किया गया है लेकिन कार्यकर्ता सहायिकाओ ने समय पर केंद्र संचालन नही कर रहे हैं और जिम्मेदारों ने भी नियमित निरीक्षण नही करते जिसका मुख्य वजह है मुख्यालय पर निवास नही करना ।

समय पर नही खुलता आंगनवाड़ी केन्द्र

कबीरधाम जिला पर लगभग एक हजार छः सौ के आसपास आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन का समय सुबह साढ़े नौ बजे से तीन बजे तक रहता है लेकिन बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकान ने आठ अप्रैल से सुबह सात बजे से ग्यारह बजे तक संचालित करने का निर्देश जारी किए हैं। अधिकांश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ के पास घरेलू काम काज होने के कारण सुबह सात बजे तक केंद्र नही पहुंच पाते तो कुछ लोग आदतन होते हैं जो समय पर केंद्र नही खोल सकते जो बड़ी विडंबना है। जिसका ज़िम्मेदार जिला के आला अधिकारी ही है।

मुख्यालय पर नही रहते जिम्मेदार

कबीरधाम जिला में मुख्यालय पर निवास नही करना कोई बड़ी बात नही है कुछ अधिकारी तो मुख्यालय ही नही बल्कि जिला और अन्य संभाग से आना जाना है । जिसे देखते हुए महिला बाल विकास विभाग भी उन्ही का अमल करते हैं। यहां तक कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भी जिला मुख्यालय पर निवास करते हैं और वही से आना जाना करते हैं। परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षको की बात ही अलग है । दिखावा के लिए मुख्यालय में निवास बनाकर रखते है लेकिन वहा यदा कदा ही रहते है । अधिकारी कर्मचारियों के आवागमन मार्ग में लगे सीसी टीवी कैमरे से देखा जा सकता है। कुछ लोगो के उपर घरेलू जिम्मेदारी वो तो समझ में आता है लेकिन कुछ लोगो को शहरीकरण का हवा लगा हुआ है।

नियमित निरीक्षण का आभाव

आंगनवाड़ी केन्द्र का नियमित निरीक्षण के लिए अलग अलग स्तर का अधिकारी कर्मचारी को जिम्मेदारी दिया गया और उनका निरीक्षण करने का मासिक दिवस भी नियत है पर्यवेक्षक , परियोजना अधिकारी, जिला अधिकारी और कार्यक्रम अधिकारियो को भी नियत अवधि में नियमित निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया जाना होता है लेकिन समय परिवर्तन के कारण सुबह से केंद्र निरीक्षण के लिए नही पहुंच पाते जिसके कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका समय पर केंद्र संचालन करने में मनमानी करते है । उन्हें मालूम होता है कि निरीक्षण कर्ता मुख्यालय पर निवास नही करते जिसके चलते समय पर नही आ सकते और मनमानी शुरू कर देते है ।

मीनू का पालन नहीं , बच्चों की उपस्थिति कम

बच्चो के सम्पूर्ण विकास को ध्यान में रखते हुए अलग अलग दिवस उन्हें मीनू बनाकर भोजन , नाश्ता दिया जाता है लेकिन आंगनवाडी केन्द्र में कार्यकर्ता सहायिका के द्वारा मीनू को किनारे करते हुए केवल दाल भात खिलाया जाता है जिसके चलते बच्चों को केंद्र आने में रुचि नहीं दिखाई देता । बच्चों के माता पिता भी अपने बच्चो को केंद्र नही भेजते है बावजूद केंद्र में दर्ज उपस्थिति पूर्ण बताकर राशि आहरण किया जा रहा है। बच्चों की दर्ज संख्या के अनुसार आंगनवाडी केन्द्र में सामग्री उपलब्ध नहीं रहता है । दिखवा के लिए पुराने डिब्बों में थोड़ा सा सामग्री को रखे रहते हैं ।जो महज खानापूर्ति ही दिखाई देते हैं।

जांच की आवश्यकता

आंगनवाडी केन्द्र संचालन और वहां होने वाले गतिविधियों का सूक्ष्मता से जांच करने पर तरह की गड़बड़िया उजागर होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता लेकिन करे तो करे कौन । आंगनवाडी कार्यकर्ताओ से भी विभागीय कार्य के बजाए अन्य कार्य लिया जाता है जिससे परेशान होकर फर्जी आंकड़ा ऑनलाइन कर देते है ।

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