कवर्धा

सत्र न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे ने हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

सत्र न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे ने हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

कवर्धा, । जिला-कबीरधाम के लोक अभियोजक संतोष कुमार देवांगन से प्राप्त जानकारी अनुसार थाना पिपरिया के अप.क्र. 348/22, धारा 302, 201 भा.द.वि. आरोपी धन्नू चन्द्रवंशी को बिसनाथ पाली के हत्या के आरोप में आजीवन कारावास एवं 03 वर्ष सश्रम कारावास तथा 500/-, 500/- रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण

मृतक बिसनाथ पाली, उम्र 22 वर्ष जो रायपुर में रहकर ड्रायव्हरी करता था, जो दिनांक 18.10.2022 को शाम 5.00 बजे रायपुर से घर वापस ग्राम कोको आया था, रात्रि करीब 8.00 बजे घर से खाना खाकर घूमने निकला था। प्रार्थी लीलाराम अपने परिवार के सदस्यों सहित घर पर सो गया। उसी दिन दिनांक 19.10.2022 को सुबह लगभग 3.00 बजे ग्राम कोको का धन्नू चन्द्रवंशी मोटरसायकल से आकर उसे बताया कि बिसनाथ मचकुन्ना नदी के पुल के ऊपर मेनरोड में बेहोश पड़ा हुआ है। प्रार्थी, लीलाराम रामप्रसाद के साथ वहां गए तो देखे धन्नू चंद्रवंशी मोटरसायकल के साथ खड़ा था ओर प्रार्थी का लड़का बिसनाथ चित्त हालत में पुल पर पड़ा था, मोबाईल की रोशनी से देखे तो बिसनाथ के चेहरे में खून लगा था, दोनो कान से खून निकल रहा था, नाक तरफ भी खून था, जब बिसनाथ को हिला-डुलाकर पूंछे तो बिसनाथ बोला कि धन्नू उसे मारा है, तभी धन्नू मोटरसायकल से वहां से भाग गया। वाहन 112 से बिसनाथ को जिला अस्पताल ले जा रहे थे, गांगपुर के पास 108 वाहन आने पर सुबह लगभग 3.30 बजे बिसनाथ को उसमें चढ़ा रहे थे तो उस समय बिसनाथ की मृत्यु हो चुकी थी।
जिला अस्पताल कवर्धा पहुंचने पर डॉ. ने बिसनाथ को मृत होना बताया। जिस पर थाना पिपरिया ने आरोपी धन्नू के विरूद्ध बिसनाथ की हत्या करने का अपराध कायम कर विवेचना प्रारंभ किया। विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्रित कर आरोपी धन्नू का मेमोरण्डम बयान लिया। मेमोरण्डम बयान में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर संपत्ति जप्त कराया। विवेचना उपरांत विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष आरोपी के विरूद्ध चालान प्रस्तुत किया। विवेचना के दौरान माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे के समक्ष अभियोजन के समर्थन में लोक अभियोजक संतोष देवांगन साक्षियों का साक्ष्य कराया। साक्ष्य उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष अभियुक्त कथन लिया गया। बचाव अधिवक्ता एवं लोक अभियोजक ने माननीय न्यायालय के समक्ष अपना तर्क प्रस्तुत किया समस्त साक्ष्य एवं तर्क सुनने के पश्चात् माननीय सत्र न्यायाधीश श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे ने आरोपी धन्नू चन्द्रवंशी को हत्या के आरोप में दोषसिद्ध मानकर धारा 302 भा.दं.वि. में आजीवन करावास, धारा 201 भा.दं.वि. में 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500/-, 500/- रू. के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है तथा अर्थदण्ड की रकम अदा नही करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।

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