जो आती है वो वस्तु जाती ही है,कोरोना भी जाएगा पर बीच के समय मे प्राणों को बचाने का प्रयास होना चाहिए – शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती।
: ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने लॉक डाउन के दौरान शराब पिये जाने की अनुमति पर जताई आपत्ति। शराब विक्रय से सरकार के धनार्जन से शंकराचार्य हुए निराश सरकार देश हित मे सुरापान की अनुमति पर रोक लगाये, अनर्थ की जड़ है शराब बिक्री, शराब दुकान पर लोगों से लाक डाउन के नियमो का किया उल्लंघन। सुरापान की अनुमति से मंदिर जाने की अनुमति की तुलना ही नही हो सकती, मंदिर जाने से भक्तों की बुद्धि शुद्ध होती है। मनुष्य की पहली जरूरत जीवित रहना, कोरोना से ये जीवन पर संकट पैदा हुआ। कोरोना से बचाव के नियमो का पालन कर लोगों को अध्ययन,अध्यापन चिन्तन-मनन,भगवान के भजन सहित ज्ञान वृद्धि में समय लगाना चाहिए।
विपत्ति के समय उसे दूर करने लोग ग्राम देवता की पूजा करते थे,वही रक्षा करते थे। आज भी उनकी पूजा की जरूरत है, कोरोना की विपत्ति से दूर होने के लिए पूजन हवन जरूरी है।