कवर्धा,डी एन, योगी,

 कवर्धा,स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ की जिला कार्यकारणी द्वारा ब्लॉक पंडरिया में संघ की बैठक आयोजन किया गया जिसमें ब्लॉक के कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु सविस्तार चर्चा हुई ।
कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं
1) शासन के निर्देशानुसार दीवाली के पूर्व सातवाँ वेतनमान का एरिअस का दूसरे किश्त का भुगतान हो जाना था जो कि अभी तक अप्राप्त है । जो राज्य शासन के आदेशों का घोर अवहेलना है।
2)दिनाँक 14.03.2019 रात्रि लगभग 7 से 8 बजे के मध्य सेक्टर पांडातराई के अधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर 17 कर्मचारियों का वेतन आहरण व एक वेतन वृद्धि रोका गया है ।जिनमे कई कर्मचारियों का अन्यत्र डयूटी लगा होना बताया गया व काई कर्मचारियों का उक्त संस्थाओं में 1या 2 दिन की ड्यूटी रहती है बाकी दिवस फील्ड में रहते है।
3)सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुकदूर में पदस्थ सुपरवाईजर को संस्थागत प्रसव हेतु संचयी प्रभाव से एक वेतन वृद्धि रोके जाने का स्पस्टीकरण प्राप्त हुआ है । सर्वविदित है कि पूरे कुकदूर क्षेत्र में अति दुर्गम और पहुच विहीन क्षेत्र है । इस क्षेत्र में 161 माजरा टोला है,जो कि एक सुपरवाइजर के पर्यवेक्षण क्षेत्र में है।यह स्पष्टीकरण अत्यंत निंदनीय है।
4) नारायण प्रशाद साहू उप स्वास्थ्य केन्द्र रुखमीददार जिनकी उम्र 60 वर्ष है , इनकी सेवानिवृत्ति की अवधि कम बची हुई है । जो अपने क्षेत्र में अकेले सेवा प्रदान करता रहा है , जिनकी दिसम्बर 2018 व अगस्त 2019 का वेतन रोका गया है । साथ ही आगामी आदेश तक वेतन आहरण रोके जाने का आदेश जारी किया गया है। संबंधित कर्मचारी उच्चाधिकारियों के भ्रमण के दौरान मुख्यालय में ही मिलते रहे है।
5)शासन द्वारा घोषित अवकाशों में दौरा कर कर्मचारियों के लिए अनीतिगत स्पष्टीकरण जारी करना , हाल ही में राज्य उत्सव दिवस 01/11/2019 को विभिन्न केंद्रों में दौराकर स्पष्टीकरण जारी किया गाया है।
6)नारायण कंवर व दुर्गेश्वरी राय rho m/f उप स्वास्थ्य केंद्र पंडरीपानी का माह नवम्बर 2018 में दीवाली की पूर्व संध्या में तत्कालिक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा भ्रमण कर उक्त माह का वेतन रोका गया है ।
7)नारायण प्रशाद साहू उप स्वास्थ्य केन्द्र रुखमीदादार ने लगभग 2 वर्ष तक वैक्सीन वाहक का कार्य 28 किलोमीटर की दूरी से लाना ले जाना कर करता रहा है जिनकी राशि का भुगतान नही हुआ है।
उक्त बिंदुओं का निराकरण 7 दिवस के भीतर न होने की स्थिति में कर्मचारीगण आंदोलन हेतु बाध्य होंगे।

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