SDM की मनमानी से नाराज पंडरिया व्यापारी संघ की अहम व निर्णायक बैठक हुई सम्पन्न ?लिया कड़ा फैसला – नही होने देंगे मनमानी – व्यापारी संघ ?ट्रेफिक व्यवस्था में सुधार सिर्फ प्रशाशन नही हम भी चाहते है – व्यापारी संघ ?प्रशाशन को माननी होगी सभी जायज मांगे नही तो उग्र होगा व्यापारी आंदोलन – व्यापारी संघ ?नए बाजार नही जाएगी यहां की हाट बाजार – व्यापारी संघ ?आंदोलन उग्र और वृहद व्यापक होगा कवर्धा ःःपंडरिया व्यापारी संघ के पदाधिकारियों सहित प्रशाशन की मनमानी से नाराज समस्त व्यापारी सदस्यो की बड़ी उपस्थिति में पंडरिया सामुदायिक भवन में पीड़ित स्थानीय छोटे व्यापारियों के जायज मांगो के सम्बंध में एवं पंडरिया SDM व प्रशाशन के हिटलर नीतियों के विरोध में बैठक बुलाई गई जिसमे पंडरिया के व्यपारियो की नाराजगी देखने को मिली, सभी लोगो ने सर्व सहमति से हाट व्यापारी, फल व्यापारी अन्य छोटे ठेले के गरीब व्यापारियों के मांगो को जायज ठहराते हुवे प्रस्ताव पारित किया है, जिसे प्रसाशन को सौपा जावेगा व 24 घण्टे की अल्टीमेटम दी जावेगी मांग पूरी न होने पर व्यापारियों द्वारा उग्र आंदोलन करने का फैसला लिया गया है जिसकी सारी जवाबदेही प्रशाशन की होगी गौरतलब है कि पंडरिया में स्थानीय व्यापारियों और पंडरिया SDM के बीच व्यवस्थापन सहित छोटे व्यापारियों को जबरदस्ती उनके मूल स्थानों से हटाए जाने और व्यापारी आंदोलन को कुचलने के मकसद से उनके आंदोलन स्थल पर लगे टेंट को तोड़ने को लेकर ठन गई है, और अब यह विवाद आर-पार की स्थिति पर आ खड़ी है ,व्यापारियों के अनुसार प्रशाशन बिना प्लान के बिना सूचना के गलत तरीके से दुकानों को हटा रही है *सभी व्यापारी ट्रेफिक व्यवस्था के पक्ष में है वे भी चाहते है कि सड़क पर लगी दुकाने, ठेले ,झोपड़ियां जो सड़क को बाधित करती है उन्हें हटाये परंतु जो दुकाने, ठेले और दुकानों पर धूप और बारिश से बचने के लिए टिन के सेड को जो किसी तरह से रोड, सड़क बाधित नही करते उन्हें बर्बककता पूर्वक बिना उचित कारण हटाये जाने पर व्यापारी बहोत ज्यादा नाराज है, जो व्यापार 40 वर्षो से चल रहा है उसे क्यो हटाया गया और अगर हटाया गया तो उचित व्यवस्थापन पहले क्यो नही किया गया व्यपारियो द्वारा मांग की गई है कि हाट जहाँ लगता था वहाँ या फिर पुराने हॉस्पिटल के पीछे व्यवस्थित करे, फल व्यपारियो को उनके पुराने जगह पर उनकी दुकानों को और पीछे कर या फिर गार्डन से लगे हिस्से पर व्यवस्थित करे एवं पान, चाय, फल्ली, कपड़े, अंडे के पुराने व्यपारियो को उचित स्थान पर जगह देने की मांग रखी है व्यापारियों ने स्प्ष्ट कर दिया है कि अब मांग पूरी नही हुई तो प्रशाशन समझ ले क्योंकि आंदोलन ऐसा वैसा नहीं उग्र और अति व्यापक होगा Spread the love Post navigation राष्ट्रपति के दत्तकपुत्रों को सरकार कर रही है अजादी के 70 साल बाद भी शिक्षा से वंचित ! पर्यावरण संरक्षण समिति ने मनाया वर्षगाँठ