सुराजी गांव से आत्मनिर्भर होती महिलाएं, समूह ने तारफेंसिंग का काम शुरू किया कवर्धा,छत्तीसगढ़,शासन की महत्वकांक्षी योजना सुराजी गांव अभियान के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है। महिलाओं ने शासकीय योजना से जुड़कर तरक्की की नयी राह पकड़ते हुए अपने परिवार की उम्मीद बन गई है। विकासखण्ड कवर्धा के ग्राम बिरकोना में संचालित उन्नती महिला स्व. सहायता समूह सुराजी गांव योजना से जुड़कर एक मिसाल कायम की है। 13 सदस्यीय समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनिता चन्द्रंवंशी एवं सचिव लक्ष्मी बाई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा बनाये गये समूह को गौठान विकास कार्य से अच्छी आमदनी होने लगी है। योजना में जुड़ने से पहले समूह के सदस्य रोजी मजदूरी ही किया करते थे। गौठान निर्माण के दौरान तार मशीन लगाकर आजीविका कमाने का प्रस्ताव समूह को मिला जो आगे चलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कारगर सिद्ध हुआ। राज्य शासन द्वारा उन्नती समूह ग्राम बिरकोना को जनपद पंचायत कवर्धा की ओर से दो लाख रूपये, देना बैंक बिरकोना की ओर से एक लाख रूपये एवं संकुल संगठन की ओर से मिलाकर चार लाख रूपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। इन पैसों से समूह ने तार फेंसिंग बनाने की मशीन 1.40 लाख रूपये से क्रय कर अप्रेल महीने से काम चालू किया गया। समूह की महिलाओं को मशीन सप्लाई करने वाले दुकान के कर्मचारियों द्वारा दो दिन का प्रशिक्षण दिया गया। आज महिलाएं 2एम.एम.,3 एम.एम, 4 एम.एम. सहित जरूरत की सभी तार फेंसिंग का निर्माण कर विक्रय कर रही है। अब तक समूह द्वारा 48 क्विंटल से अधिक का माल लगभग तीन लाख रूपये से अधिक में बेचकर आमदानी किया है और साथ में अपने ऋण की अदायगी पूरी कर रहें है। ग्राम पथर्रा, कान्हाभैरा, लिमों, बिरनपूर में उपयोग किये गये चेन लिकिंग इसी समूह द्वारा बनाया गया है। शासकीय योजनाओं में ही समूह द्वारा बनाये गये चेन लिकिंग का पूर्ण उपयोग हो रहा है। पंचायतों को समूह से सस्तें दर पर चेन लिंक मिल रहा है और समूह को उसके माल का खरीददार। तारफेंसिंग का काम जब नया नया शुरू ही हुआ था कि समूह की अध्यक्ष सुनिता चन्द्रवंशी के पति की मृत्यु असमय हो गयी, जिसके बाद अपने छोटे बच्चों एवं परिवार के लालन पोषण की जिम्मेदारी इनके ऊपर आ गयी। ऐसे समय में सुराजी गांव योजना से चेन लिंकिंग बनाने का व्यवसाय इनकों आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ। उन्नती महिला समूह द्वारा बनाये गये चेन लिंकिंग की गुणवत्ता से प्रभावित होकर जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश चन्द्र ने 900 किलों का तार फेंसिंग समूह से क्रय किया। श्री महेश चन्द्र द्वारा 3 एम.एम. के तार फेंसिंग के लिए 80 हजार रूपये का भुगतान किया गया है, जिसका उपयोग वे अपने निवास गृह भिलाई में खेतो को घेरने के लिए करेंगें। अपने व्यवसाय से लाभ लेकर महिलाएं न केवल स्वंय आत्मनिर्भर हुई है बल्कि वे अपने परिवार के जरूरतों को बखुबी पूर्ण कर रही है। शासन की योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे समूह मिल का पत्थर साबित हो रहे है। तार फेंसिंग के काम में बड़-बड़े व्यापारी बजार में उचें दरों में माल बेचकर मुनाफा कमा रहें है,वहीं महिला समूह द्वारा बनाये गये यह तार फेंसिंग उच्च गुणवत्ता का होते हुए भी कम दरों में उपलब्ध है। यदि आम जनता ऐसे समूहों से अपनी आवश्यकता अनुसार समान क्रय करती है तो समूह को आगे बढ़नें मे मदद मिलेगा और हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। क्योंकि अपने खेत एवं बगीचों को मवेशियों से बचाने के लिए साधन की आवश्यकता होती है। **समुह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय मदद दी जाएगी* जिला पंचायत सीईओ श्री श्री विजय दयाराम के बताया कि जिले के महिला स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कबीरधाम जिला आगे बढ़ रहा है। समूह की महिलाओं को रोजगार देने और उनके आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार किए जा रहे है। समूह को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग योजनाओं से ऋण की स्वीकृति दी जा रही है। Spread the love Post navigation कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने किया राजानवागांव और रेंगाखार खुर्द धान उर्पाजन केन्द्रों का मुआयना कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर कृषि बीमा रथ को किया रवाना