आमाबेड़ा कांड से उबाल: जनजातीय समाज पर हमले के विरोध में सर्व समाज सड़कों पर** सर्व समाज, छत्तीसगढ़ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया, इन्हीं मुद्दों को लेकर सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने प्रदेशव्यापी बंद और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
आमाबेड़ा कांड से उबाल: जनजातीय समाज पर हमले के विरोध में सर्व समाज सड़कों पर**
सर्व समाज, छत्तीसगढ़ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया,
इन्हीं मुद्दों को लेकर सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने प्रदेशव्यापी बंद और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में घटित घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। जनजातीय समाज पर कथित संगठित हमला, जबरन शव दफन और प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों के बाद अब यह मामला केवल स्थानीय नहीं, बल्कि प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया तीखा ज्ञापन
सर्व समाज, छत्तीसगढ़ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ईसाई मिशनरी समूहों एवं भीम आर्मी से जुड़े तत्वों की कथित भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। ज्ञापन में इसे सुनियोजित सामाजिक विभाजन करार दिया गया है।
धार्मिक स्वतंत्रता और जनजातीय आस्था पर सीधा आघात
सर्व समाज का कहना है कि आमाबेड़ा की घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि यह
संवैधानिक अधिकारों,
जनजातीय परंपराओं,
धार्मिक स्वतंत्रता
पर सीधा हमला है। इससे समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बना है।
पहली घटना नहीं, बार-बार दोहराया जा रहा पैटर्न
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इससे पहले भी प्रदेश के कई इलाकों में
अवैध धर्मांतरण,
स्थानीय परंपराओं में हस्तक्षेप,
सामाजिक तनाव फैलाने की घटनाएं
सामने आ चुकी हैं, जिन पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदेशव्यापी बंद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन
इन्हीं मुद्दों को लेकर सर्व समाज, छत्तीसगढ़ ने प्रदेशव्यापी बंद और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया, जिसमें
जनजातीय प्रतिनिधि
सामाजिक संगठन
आम नागरिक
बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह सहभागिता दर्शाती है कि मामला अब जनभावनाओं से जुड़ चुका है।
मुख्य मांगें – जिन पर टिकी है नजर
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को तत्काल सख्ती से लागू किया जाए।
कांकेर में जनजातीय समाज पर हुए हमले के सभी आरोपियों पर कठोरतम धाराओं में कार्रवाई हो।
कांकेर एसपी के स्थानांतरण को अपर्याप्त बताते हुए तत्काल निलंबन व उच्चस्तरीय जांच की मांग।
एसडीएम ए.एस. पैकरा एवं तहसीलदार सुधीर खलखो को निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जनजातीय ग्रामीणों पर दर्ज मामले वापस हों, पीड़ितों को मुआवजा मिले।
सर्व समाज का दो टूक संदेश
सर्व समाज ने स्पष्ट कहा है कि यह संघर्ष किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि
संविधान की रक्षा,
कानून के शासन,
सामाजिक समरसता और जनजातीय आस्था
के लिए है।
चेतावनी भी दी गई है कि यदि समय रहते निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को लोकतांत्रिक दायरे में और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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