भूपेश का डबल काउंटर अटैक, कहा- ‘ शहरी नक्सलियों के नाम सार्वजनिक और प्रमाणित करें रमन, अमित जोगी की निगाह ही गलत तो मैं क्या कर सकता हूं’

भूपेश का डबल काउंटर अटैक, कहा- ‘ शहरी नक्सलियों के नाम सार्वजनिक और प्रमाणित करें रमन, अमित जोगी की निगाह ही गलत तो मैं क्या कर सकता हूं’
रायपुर. भाजपा और जेसीसी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के हमलों पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डबल काउंटर अटैक किया है. एक तरफ उन्होंने भाजपा के संकल्प पत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को घेरा तो दूसरी तरफ अमित जोगी के बयान पर तल्ख टिप्पणी कर दी.
बिलासपुर दौरे पर रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने बीजेपी के संकल्प पत्र में सिस्टम में शहरी नक्सली घुसने के आरोपों पर कहा कि यदि वो आज हैं और रमन सिंह को उनके नाम सार्वजनिक करना चाहिए और प्रमाणित करना चाहिए. उन्होंने रमन सिंह से पूछा कि जब शहरी नक्सली सिस्टम में घुसा तो 15 साल तक क्या कर रहे थे. यदि उन्हें मालूम था तो क्या कार्रवाई की
रमन सिंह पर हमला करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि जिस अधिकारी वीके चौबे ने शहरी नक्सलियों के नेटवर्क को तोड़ा, उसकी मौत की जांच रमन सिंह की सरकार ने नहीं कराई. इस घटना में 29 जवान शहीद हो गए और अधिकारी को गालंट्री एवार्ड दे दिया गया. भूपेश बघेल ने कहा कि ये रमन सिंह की कार्यशैली हो सकती है, लेकिन कांग्रेस की नहीं.
अमित जोगी के आरोपों पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी निगाह ही गलत है तो वे क्या कर सकते हैं. उन्होंने अमित को कहा कि वे अपनी माता से पूछ लें कि दोनों की क्या बात हुई है, क्या उसे सार्वजनिक करना है. भूपेश बघेल ने कहा कि रेणु जोगी वरिष्ठ विधायक हैं, राजनेता के नाते उनसे बात हुई है. उन्होंने कहा कि उनसे सभी मिलते हैं. क्या किसी से मिलने से परेशानी है. भूपेश बघेल ने एक बार फिर दोहराया कि छत्तीसगढ़ के हित सर्वोपरि हैं.
गौरतलब है कि अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर दिल्ली में अडानी से मिलने का आरोप लगाया था. जिस पर बघेल ने कहा था कि वे सीएम होने के नाते सबसे मिलते हैं. उन्होंने अमित जोगी से कहा था कि उनकी मां रेणु जोगी भी उनसे मिली थीं, क्या उनसे जो बातें हुई थीं, उसे भी सार्वजनिक करना है. इस पर अमित जोगी ने पूछा था कि रेणु जोगी से बंद कमरे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या बात की. इसका खुलासा करके न केवल मेरी निजी जिज्ञासा समाप्त करें. बल्कि जो उन्होंने अप्रत्यक्ष रुप से छत्तीसगढ़ के इतिहास की सबसे वरिष्ठ महिला विधायक, चिकित्सक और लेखिका का चरित्र हनन का दुष्प्रयास करके मुझसे भड़ास निकालने की कोशिश करी है.



