
सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना में आवश्यक निर्देशों का पालन नहीं करा पा रहा प्रबंधन
कवर्धा : सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना पंडरिया मे आये दिन कुछ न कुछ घटना घटती रहती है परंतु यह घटना प्राकृतिक नही बल्कि मानव (प्रबंधन) के द्वारा अपने कामो पर लापरवाही बरतने से होती है.
कल रात डायर हॉउस अर्थात जहा पर खाली बोरियो मे शक्कर भरी जाती है वहां बड़ी लापरवाही देखने को मिली है
जिंन लोगो के द्वारा शक्कर की बोरिया पैक करनी है वो रात मे आराम से सोते रह गए और उपर से शक्कर का स्टॉक डब्बा फूल हो गया और सारा शक्कर नीचे आ गया
हैरानी की बात ये है की उपर से शक्कर थोड़ी बहुत मात्रा में नही बल्कि हजारो क्विंटल शक्कर नीचे आ गया और वहां काम करने वालो को पता भी नही चला क्योंकि सब सोने मे मस्त थे*
इस सम्बन्ध में युवा किसान नेता रवि चंद्रवंशी ने बताया कि कारखाना प्रबंधन के कुप्रबंधन से शक्कर भण्डारण में लापरवाही हो रही है . इस शक्कर को पैक करने के लिए किसी निजी संस्था/व्यक्ति को लगभग प्रति माह 5 लाख रुपये के हिसाब से मात्र शक्कर की बोरिया पैक करने के लिए ठेके से दिया गया है जिसके द्वारा अनुभव विहीन व लोकल् मजदूरो से काम करवाया जा रहा है जिसका नतीजा आप सबके सामने है
उन्होंने कहा कि प्रबंध संचालक से अनुरोध करूँगा की यदि कारखाने की स्थिति मे वाकई मे सुधार करना चाहते है तो सर्वप्रथम अपने कार्य में लापरवाही बरतने वाले डायर हाउस के ठेका को बन्द करिये और आपके पास जो 600 से अधिक कर्मचारी अधिक मात्रा में है जिनमे काफी लोग ग्रेजुएट है उनसे काम लीजिये
उन्होंने इस प्रकार के लापरवाही को रोकने कड़ा कदम नही उठाने पर व्यवस्था सुधार हेतु सड़क की लड़ाई लड़ने की चेतावनी कारखाना प्रबंधन को दी है .






