कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिए डी.एन. योगी की दमदार रिपोर्ट**

25 साल पहले मिला था रेल सर्वे का आश्वासन, आज भी कवर्धा रेल लाइन का इंतजार*

कवर्धा। वर्ष 2001 में बिलासपुर–कवर्धा–राजनांदगांव रेल लाइन को लेकर शुरू हुई उम्मीद आज भी अधूरी है। करीब 25 वर्ष पहले कवर्धा जिला रेलवे संघर्ष समिति के प्रयासों से तत्कालीन केंद्रीय रेल राज्य मंत्री से मुलाकात कर इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना की मांग रखी गई थी। उस समय प्रतिनिधिमंडल को 229 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के सर्वे का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक यह परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

बैठक में बताया गया था कि इस रेल मार्ग के बनने से करीब 30 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा रेलवे को भी अच्छा राजस्व प्राप्त होगा।

उस समय रेलवे संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल में प्रकाश वर्मा (अध्यक्ष), धनेश्वर नाथ योगी, दिलीप यदु, रमेश ठाकुर, राजेन्द्र सलूजा, संजय देसाई, बलबीर खनूजा, आनंद शर्मा और राजू श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्य शामिल थे। यह मुलाकात तत्कालीन केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में हुई थी, जहां रेल मंत्रालय ने सर्वे कराने का भरोसा दिया था।

25 साल बाद भी अधूरा सपना

समय बीतता गया, सरकारें बदलीं, घोषणाएं हुईं, लेकिन कवर्धा जिले को अब तक रेल सुविधा नसीब नहीं हो सकी। जिले के नागरिकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि यह रेल परियोजना पूरी हो जाती है तो पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

अब फिर वही सवाल लोगों के मन में है—क्या बिलासपुर–कवर्धा–राजनांदगांव रेल लाइन का सपना कभी पूरा होगा? क्या 25 साल पहले किया गया सर्वे का वादा अब धरातल पर उतरेगा, या फिर यह भी केवल फाइलों और आश्वासनों तक ही सीमित रह जाएगा?

— कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

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