कबीरधाम में विकास या “वसूली तंत्र”?
जिला पंचायत बना भ्रष्टाचार का नया अड्डा…?
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
देखिए डी एन योगी की दमदार रिपोर्ट
कवर्धा में इन दिनों जिला पंचायत को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनता के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विकास के नाम पर चल क्या रहा है?
आरोपों की मानें तो नए साहब के आते ही कार्यालय में “काम कम और बंडल ज्यादा” का खेल शुरू हो गया है।
कहा जा रहा है कि निर्माण कार्यों में फर्जी बिलों की बाढ़ आ गई है और तकनीकी सहायकों से लाखों रुपए लेकर प्रभार बांटे जा रहे हैं।
चर्चा तो यहां तक है कि काम शुरू होने से पहले ही “2 प्रतिशत कमीशन” का रेट फिक्स कर दिया जाता है।
यानी जनता का पैसा… और पहले से तय बंदरबांट!
पंचायत व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरपंचों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर “समझाइश” के बाद चेक काटने की चर्चाओं ने पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
डेढ़ करोड़ का प्रशिक्षण बिल… लेकिन प्रशिक्षण कहां हुआ?
10 चार पहिया वाहनों की खरीदी में भी प्रति गाड़ी ₹2 लाख कमीशन की चर्चा ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है।
इंजीनियरों को कथित तौर पर साफ संदेश —
“सीधे साहब से मिलो… नीचे किसी से बात मत करो…”
अब जनता पूछ रही है
? क्या जिला पंचायत विकास का केंद्र है…
या फिर भ्रष्टाचार की फैक्ट्री बन चुका है?
? क्या इन चर्चाओं की निष्पक्ष जांच होगी?
? या फिर फाइलों के नीचे सच दबा दिया जाएगा?
अगर आरोप गलत हैं तो प्रशासन सामने आकर जवाब दे…
और अगर सही हैं तो दोषियों पर कार्रवाई कब?
कबीरधाम की जनता जवाब मांग रही है…!
कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़
डी एन योगी की रिपोर्ट

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