*नवा रायपुर में आईपीएल का रोमांच मैच 10 और 13 मई को* *मुख्य सचिव ने तैयारियों की कमान संभाली, सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कड़े निर्देश* कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट रायपुर,नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आगामी 10 और 13 मई को होने वाले टाटा आईपीएल टी-20 मैचों के सफल आयोजन के लिए राज्य प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव के इन कड़े निर्देशों के बाद अब नवा रायपुर का प्रशासन क्रिकेट के इस महाकुंभ की मेजबानी के लिए पूरी तरह मुस्तैद है, जिससे दर्शकों को एक सुरक्षित और आनंदमयी अनुभव मिल सके। *मैचों का शेड्यूल* 10 मई 2026 केा रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम मुंबई इंडियंस (डप्) और 13 मई 2026 को रॉयल चौलेंजर्स बेंगलुरु (त्ब्ठ) बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (ज्ञज्ञत्) के मध्य मैच खेला जाएगा। *सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर* मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में आने वाले हजारों दर्शकों की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन बुकिंग के बाद रायपुर पहुंचने वाली दर्शकों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कमिश्नर रायपुर को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग एरिया और स्टेडियम के चारों ओर CCTV कैमरों का सघन जाल बिछाया जाएगा। बैरिकेडिंग और पार्किंग की जिम्मेदारी पुलिस, NRDA और BCCI की संयुक्त टीम संभालेगी। *आपातकालीन सेवाएं* फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के लिए डेडिकेटेड रूट (Emergency Route) चिन्हांकित किए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। आयोजन के सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर रायपुर की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), आयुक्त नगर निगम, संचालक (खेल एवं युवा कल्याण), क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), और NRDA के CEO सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यद्यपि संपूर्ण आयोजन का उत्तरदायित्व BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ का है, लेकिन प्रशासन पेयजल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। *नियादी सुविधाओं की उपलब्धता* लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को स्टेडियम में पानी के सुचारू प्रवाह और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। बिजली विभाग को मैचों के दौरानछत्तीसग्ढ विद्युत वितरण कंपनी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, PHE सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, खेल सचिव श्री यशवंत कुमार और कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह सहित पुलिस विभाग, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन और CSPDCL के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही BCCI और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों ने भी अपनी तैयारियों का ब्यौरा साझा किया। Spread the love Post navigation *उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 19.50 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति* कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट खबर भले निरंतर नहीं, अपितु रसदार ज़रूर है 👀🌹👀💗👀 एक को माई का, एक को मौसी का — अतीत की कहावत फिर हुई चरितार्थ ! कबीरधाम जिले की राजनीति में एक बासी और एक ताज़ा घटनाक्रम चर्चा का बड़ा विषय बनता जा रहा है। सम्माननीय पाठकगण, जय जोहार, नमस्कार देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के भीतर जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक नेतृत्व, नीति और अनुशासन को लेकर उठ रहे सवाल अब संगठन के अंदर ही धुएं के गुबार की तरह फैलते दिखाई दे रहे हैं। कबीरधाम कांग्रेस संगठन में भीतरखाने लिए जा रहे फैसले अब कार्यकर्ताओं के मन में असंतोष, पीड़ा और भेदभाव की भावना को जन्म दे रहे हैं। यह सर्वविदित है कि किसी भी संगठन में अच्छे-बुरे लोग हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति कानूनन दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी और संगठनात्मक कार्यवाही होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। मगर सवाल यहां दोहरे मापदंड का उठ रहा है… विगत दिनों कवर्धा जिले के लोहारा ब्लॉक के तत्कालीन कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर अनैतिक आचरण के मामले में कानूनी कार्यवाही के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था। मामला गंभीर था, इसलिए संगठन ने तत्काल कठोर कदम उठाया। लेकिन वर्तमान में पांडातराई थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि चंद्रवंशी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हुई, राजधानी रायपुर से गिरफ्तारी हुई और वे न्यायिक अभिरक्षा में जेल में भी बंद हैं। इसके बावजूद अब तक न कोई स्पष्ट नोटिस, न निष्कासन और न ही कोई सार्वजनिक संगठनात्मक कार्यवाही सामने आई है। ऐसे में बड़ा सवाल उठना लाजिमी है कि — क्या पार्टी में कार्यवाही व्यक्ति की पहुंच, पद और संरक्षण देखकर तय होती है? क्या नियम अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हैं? क्या संगठन में सामान्य कार्यकर्ता और प्रभावशाली पदाधिकारियों के लिए अलग पैमाना अपनाया जा रहा है? यह मामला अब कांग्रेस संगठन के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा और कौतूहल का विषय बन चुका है। संगठन के अनेक कार्यकर्ता स्पष्ट और समान कार्यवाही की प्रतीक्षा में हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट