
,कवर्धा, कहावत नही सच्चाई है जब कुछ समझ में न आए तो ईस्वर के शरण में हर समस्या का हल मिलता है आज कोरोना विनाशक महामारी के रूप में उभर कर आया है इस महामारी का अभी तक कोई इलाज खोज पाने में पूरा विश्व असफल दिखाई दे रहा है कोरोना पर अंकुश लगाने का एक अल्पकालीन उपाय ,,मास्क,फिजिकल डिस्टेंस, घर में बंद रहना इसका पालन करना हमारी जिम्मेदारी है लेकिन क्या इसे लम्बे समय तक इसे निभा पाएंगे शायद नही भारत सरकार सब समझ रही है ,फिर भी समय समय पर हमारा हवशला बढ़ाने का काम कर रही है
: आज अर्थ ब्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गया है प्रकृति किशानो से भी मुह फेर कर बैठी है अन्न उत्पादन नही होगा तो लोग खाएंगे क्या आगे जीवन यापन की समस्या बढ़ेगी ,परिस्थिति विकट होने से पहले नियमो का पालन करते हुये हमे हमारी आस्था के अनुरूप चाहे हम किसी भी धर्म के हों हमारे लिये मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा चर्च के दरवाजे शर्तों पर खोल देने चहिय जब सरकार मदिरालय खोलने का हिम्मत कर सकती है तो देवालयों का दरवाजा भी खोलना चाहिये ये विपरीत समय है इस्वर ही इसे पटरी पर ला सकते है धर्म के नाम पर लूटने वाले लुटेरों के मुह पर ताला लगा है इस्लाम और हिंदुत्व के नाम पर लोगों को लड़ाने वाले मास्टर माइंड कहां छिप गए
मेरी सरकार से गुजारिश है राम कृष्ण,नानक के इस पावन धरा में आस्था वान लोगों की आस्था कमजोर न होने दे मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारे को नियमानुसार खोल दिया जाय कहते हैं दुआओं में बड़ा अशर होता है ।
प्रकाश वर्मा,,अध्यक्ष जिला प्रेस क्लब एवं डी एन योगी संपादक कबीर क्रांति का सयुंक्त मांग,,जब सरकार मदिरालय खोलने की हिम्मत कर सकती है, तो तो मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च के दरवाजे भी खोल देने चाहिए





