वनोपज संग्रहण की छूट और खरीदी शुरू होने से कबीरधाम जिले के हजारों परिवारों को मिला फायदा*

कबीरधाम जिले में चारौटा,चिरायता, वनतुलसा,वन जीरा सहित अन्य वनोपज खरीदी कर संग्राहक परिवारों को 15 लाख 11 हजार रूपए का राशि भुगतान किया गया

कवर्धा, । कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए जारी लाॅकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा वनोपज का संग्रहण करने की छूट मिलने और वनविभाग द्वारा उचित माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने कबीरधाम जिले के वनंाचल क्षेत्रों में निवास करने वाले हजारों परिवारों को इस लाभ मिलना शुरू हो गया है। कबीरधाम जिले में अब तक वन विभाग कबीरधाम द्वारा चरौटा 450 क्विंटल, चिरायता 40 क्विंटल, वन तुलसा 6 क्विंटल, वन जीरा 11 क्विंटल, बहेड़ा 8 क्विंटल और शहद 32 क्विंटल संग्राहकों से खरीदा जा चुका है और 15 लाख 11 हजार 120 रूपए राशि का भुगतान किया जा चुका है। शासन के निर्देशों एवं मंशा के अनुरूप लघु वनोपज के संग्रहण एवं क्रय के माध्यम से किये जा रहे रोजगार देने के प्रयास उनके जीवन में आशा की किरण के रूप में उभरकर सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में उत्साह का संचार व्याप्त है।

वन विभाग कवर्धा के जिला यूनियन अंतर्गत 13 समितियों के माध्यम से वन धन विकास योजना का क्रियान्वयन 139 ग्राम स्तरीय, 22 हाॅट बाजार स्तरीय और 5 वन धन केन्द्र स्तरीय महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज का संग्रहण किया जा रहा है। वन अधिकारियों के निर्देश पर शासन की मंशा के अनुरूप इन स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों के द्वारा लाॅकडाउन के नियमों का पालन करते हए डोर-टू-डोर जाकर चरौटा, चिरायता, वन जीरा, वन तुलसा, बहेड़ा और शहद जैसी महत्वपूर्ण लघु वनोपज की खरीदी की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि वनमंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कोरोना वायरस के संक्रमण और उनके बचाव के लिए जारी निर्देशों का पालन करते हुए राज्य में चालू वर्ष 2020 में तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य के सुचारू संचालन के लिए निर्देश दिए है। प्रदेश में इस वर्ष लगभग 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है। प्रदेश में वर्ष 2020 में शासकीय भूमि से तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित है। इससे प्रदेश के लगभग 12 लाख 53 हजार वनवासी-ग्रामीण करीब परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा

कबीरधाम जिले में वन मंडलाअधिकारी श्री दिलराज प्रभाकर ने बताया कि वन विभाग जिला कबीरधाम में 40800 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण का लक्ष्य है, जिसको 16 करोड़ 32 लाख रूपए में 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की दर से क्रय किया जाएगा। यह क्रय 19 समितियों के अंतर्गत 252 फड़ों पर फड़ मुंशी एवं फड़ अभिरक्षक के माध्यम से होगा। तेन्दूपत्ता को संग्रहण करने वाले 30 हजार परिवारों को कवर्धा वनमंडल अंतर्गत कोरोना वायरस की इस आपदा के समय रोजगार मुहैया कराया जाएगा। साथ ही अतिरिक्त आय के रूप में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर संग्रहण की जाने वाली लघु वनोपज चरौटा, चिरायता, वन जीरा, वन तुलसा, बहेड़ा, शहद, माहुल पत्ता, महुआ, चिरौंजी, साल बीज तथा लाख जिसका लक्ष्य लगभग 9500 क्विंटल है से भी 3 करोड़ रूपये का आर्थिक लाभ अतिरिक्त आय के रूप में इन ग्रामीणों को प्राप्त होगा। कोरोना वायरस से सुरक्षा के दृष्टिकोण से वन विभाग कवर्धा द्वारा सभी संग्राहक परिवारों को आगामी तेन्दूपत्ता सीजन में संघ के माध्यम से मास्क भी उपलब्ध कराए जा रहे है।

मंडलाधिकारी श्री प्रभाकर ने बताया कि इन दिनों कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र में महुआ फूल, ईमली, चिरौंजी, लाख और साल बीज जैसी लघु वनोपज की अच्छी फसल है, जिसे ग्रामीणों द्वारा संग्रहण कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वन विभाग को बेचने के लिए वन अमला द्वारा गांव-गांव में प्रोत्साहित किया जा रहा है। वन विभाग के द्वारा कुछ ही दिनों में प्रारंभ होने वाले तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए तैयारियाॅं जोर-शोर से कर ली गई है। कोरोना वायरस कोविड -19 संक्रमण से बचाव के लिए शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप कबीरधाम में वन अमला तथा संग्रहण से जुड़े समस्त प्रबंधकों, महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों तथा तेन्दूपत्ता सहित अन्य सभी लघु वनोपज संग्रहण करने वाले संग्राहकों को मास्क, हाथ साफ करने के लिए सैनिटाइजर तथा साबुन का उपयोग के साथ 1-2 मीटर की सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए संग्रहण कार्य सतत् रूप से जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

Spread the love

You missed