*लाॅकडाउन में संजीवनी 108 में मिली नई जिंदगी, गुंजी किलकारी*

कवर्धा। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने जारी लॉकडाउन के बीच लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए कबीरधाम जिले में संचालित 108 संजीवनी एक्सप्रेस की टीम हर चुनौतियों का सामना कर लोगों को आपातकालीन सेवा का लाभ पहुंचा रही है। एक ऐसा ही प्रकरण कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में देखने को मिला। जहाँ गर्भवती महिला के लिए 108 संजीवनी बनकर पहुंचा। लाॅकडाउन की वजह से गांव की सीमा सील करने देने के बाद भी जरूरतमंद लोगों तक संजीवनी एक्सप्रेस पहुंच रही है और गर्भवती महिलाओं को नवजात शिशु को नया जीवन देने दे रही है।
शनिवार की रात एक बजे 21 वर्षीय गर्भवती महिला श्याम बाई बैगा को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजनों ने 108 को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही कुकदूर स्टाफ से पायलट पंचू राम श्याम और ईएमटी विनोद धावलकर ग्राम दीवानपटपर के लिए निकले, लेकिन लॉकडाउन के चलते ग्रामीणों ने गांव के पहुँच मार्ग में कई जगह जाम कर दिया था। मार्ग अवरुद्ध होने पर भी संजीवनी की टीम ने हार नहीं मानी और कुकदुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 18 किलोमीटर दूर गांव पहुंचे। जैसे ही गांव से लगभग 4 किलोमीटर बाहर आये गर्भवती महिला का प्रसव पीड़ा बढ़ गया। परिस्थितियों को देखते हुए 108 एम्बुलेंस स्टाफ ने महिला का प्रसव एम्बुलेंस में कराने का निर्णय लिया। इस प्रकार एम्बुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा बच्चा दोनो को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुकदुर में भर्ती कराए। वर्तमान में जच्चा बच्चा दोनो स्वस्थ है। गर्भवती महिला के परिजनों ने इस विकट परिस्थिति में संजीवनी बनकर पहुँचे 108 टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।

*सरकारी अमला आपकी सुविधा और सुरक्षा के लिए लाॅकडाउन पर रास्ता ना रोके – कलेक्टर*

कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने जिले वासियों से आग्रह करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के रोकथाम और पूर्ण नियंत्रण के लिए राज्य शासन द्वारा प्रदेश पूरे को लाॅकडाउन किया गया है। इस महामारी को हराने के लिए राज्य शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन से लेकर ग्राम पंचायत में पदस्थ सभी सरकारी अमले पूरी तरह से सतर्क है। इसके लिए जिले की सभी प्रवेश सीमाए बंद कर दी है। कलेक्टर ने ग्राम स्तर पर जारी लाॅकडाउन और सीमा बंद की तारीफ करते हुए कहा कि यह जागरूकता का परिचायक हैं, लेकिन सरकारी अमले की पूरी टीम आपकी सुरक्षा और सुविधा के लिए गांव-गांव पहुंच रही है। ऐसे परिस्थिति में रास्ता बंद करना उचित नहीं है। खासकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित एम्बूलेंस का रास्ता लाॅकडाउन के दौरान ना रोके।

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