जब येचुरी यह बयान दे रहे थे उस वक्त भोपाल से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे.

कवि कुमार विश्वास ने सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी के उस बयान पर टिप्पणी की है जिसमें उन्होंने कहा था कि रामायण और महाभारत सरीखे ग्रंथों से यह साबित होता है कि हिंदू भी हिंसक हो सकते हैं.

विश्वास ने येचुरी के इस बयान पर ट्वीट किया है, ‘अपनी वैचारिकी की तरह, हे प्रचुर-कुपढ़ येचुरी जी, 23 मई के बाद अपने पराजय-कुल के अन्य रुदाली-साथियों के साथ जब रो-पीट कर निबट लें तो मेरे पास पधारें, रामकथा सुनने ! पुण्य नहीं तो कम से कम दृष्टि का पूर्वाग्रह-शापित मोतियाबिंद तो दूर होगा! कभी यही शंका किसी और धर्म के ग्रंथ पर की?’

येचुरी ने कहा था, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी ‘निजी सेना’ बना रहा है, लेकिन गठबंधन पीएम नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटा देगा.’ जब येचुरी यह बयान दे रहे थे उस वक्त भोपाल से कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि यह सामान्य लोकसभा चुनाव नहीं है बल्कि संविधान को बचाने की लड़ाई है.

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