15वें वित्त आयोग में घपले के आरोप, लाखों के भुगतान पर गंभीर सवाल**

ग्राम पंचायत चंदैनी में एक ही फर्म को बार-बार भुगतान का आरोप; बिल, कोटेशन, माप पुस्तिका और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र की जांच की मांग**

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़

देखिए डी.एन. योगी की रिपोर्ट

सहसपुर लोहारा। जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा की ग्राम पंचायत चंदैनी में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए विभिन्न कार्यों और भुगतानों को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में एक ही फर्म को अलग-अलग तिथियों में बार-बार भुगतान किया गया। शिकायत के अनुसार 15 जून 2025 को ₹75 हजार, पुनः ₹43,048 तथा 4 मार्च 2026 को भवन मरम्मत के नाम पर ₹39,900 और सीसी रोड सामग्री के लिए ₹19,560 का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि इन खरीदारियों में नियमानुसार कोटेशन अथवा निविदा प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।

कृषि केंद्र को भी लगातार भुगतान का आरोप

शिकायत में एक कृषि केंद्र को अलग-अलग किश्तों में ₹41,340, ₹27,020, ₹43,095, ₹38,260 तथा वर्ष 2026-27 में ₹45,150 के भुगतान का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने इन भुगतानों से संबंधित कोटेशन, निविदा, जीएसटी बिल, सामग्री प्राप्ति प्रमाण पत्र और स्टॉक पंजी की जांच कराने की मांग की है।

नाली-गली सफाई और मरम्मत कार्य भी जांच के घेरे में

शिकायत के अनुसार 18 अक्टूबर 2025 तथा 11 जनवरी 2026 को नाली-गली सफाई एवं मरम्मत के नाम पर राशि आहरित की गई। आरोप है कि इन कार्यों से संबंधित माप पुस्तिका, कार्यस्थल के छायाचित्र और कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जैसे अभिलेखों की भी जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि भुगतान के अनुरूप वास्तविक कार्य धरातल पर हुए हैं या नहीं, इसकी भौतिक जांच कराई जानी चाहिए।

स्टेशनरी और अन्य खरीदी पर भी सवाल

स्टेशनरी, कंप्यूटर सामग्री तथा अन्य वस्तुओं की खरीदी में भी भंडार क्रय नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में तीन कोटेशन, क्रय समिति की स्वीकृति और स्टॉक पंजी सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। इसके अलावा दीवार लेखन, राष्ट्रीय पर्व, टेंट और अन्य मदों में किए गए खर्चों को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है।

जनपद की अन्य पंचायतों की जांच की भी मांग

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में प्रभारी सीईओ शिवकुमार साहू एवं प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी के पदस्थ होने के बाद 15वें वित्त आयोग, मनरेगा एवं अन्य मदों से कराए गए कार्यों में कथित अनियमितताओं और फर्जी बिलों के माध्यम से राशि आहरण की शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि मामला केवल चंदैनी पंचायत तक सीमित नहीं है और जनपद क्षेत्र की अन्य पंचायतों के कार्यों की भी जांच आवश्यक है।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर दस्तावेजों की जांच और मौके पर कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाना महत्वपूर्ण होगा।

अब प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सभी संबंधित निविदा अभिलेख, प्राक्कलन, माप पुस्तिका, क्रय समिति की अनुशंसा, जीएसटी बिल, भुगतान आदेश, स्टॉक पंजी, कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तथा कार्य पूर्व एवं पश्चात के छायाचित्रों की जांच कराई जाए। आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और जांच के बाद पंचायत में हुए भुगतान की वास्तविकता सामने आती है या नहीं।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ — संपादक डी.एन. योगी

Spread the love

You missed