कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति कवर्धा,,,,आज विश्व आदिवासी दिवस पर ग्राम राजानवागांव में दोना पत्तल बनाने के प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम सेमरहा छत्तीसगढ़ बिरसा मुंडा समिति के सदस्य शामिल हुए समिति में शामिल सदस्यों के नाम रतन ध्रुव दुर्गेश धुर्वे उदय राम धुर्वे घासी ध्रुव जगत श्याम प्रशिक्षण प्राप्त किया जो रामदास पटेल के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है उक्त कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा के सौजन्य से आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के प्रभारी मुखिया अनिल दुबे जी भी उपस्थित होकर कर कमलो से कार्यक्रम का निरीक्षण किये उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम सेमरहा के रहने वाले नवयुवकों दिया गया जिसमें 20 मई को दुर्घटना हुआ था जिसमें 19 लोगों की दुर्घटना में मृत्यु हुआ था जिसको छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गांव को गोद में लिया गया है उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिलाध्यक्ष महेंद्र कौशिक ब्लॉक अध्यक जगदंबिका साहू रामदास पटेल सुंदर कौशिक कार्तिक राम जयसवाल शिव कौशिक द्वारा प्रयास किया जा रहा है उक्त कार्यक्रम प्रशिक्षण के बाद सेमरहा गांव में किसान मोर्चा के द्वारा दोना पत्तल मशीन लगाया जाएगा जिसको बिरसा मुंडा समिति को सौंप दिया जाएगा समय-समय पर ग्राम सिमराहा के नवयुवकों को इसी तरह के प्रशिक्षण दिए जाएंगे जिससे अपनी जीवन यापन करेंगे एव गणेश चतुर्थी में दोना पत्तल मशीन का श्री गणेश किया जाएगा श्री अनिल दुबे जी भोरमदेव मंदिर दर्शन कर प्रदेश के किसानों का फसल सोला आना हो एवं प्रदेश में शांति कि मनोकामना पूजा अर्चना किए Spread the love Post navigation अपराध क्र.- 25/23 धारा- 20(ख ) NDPS एक्ट *01 वर्ष से फरार गांजा तस्करी के आरोपी को चिल्फी पुलिस द्वारा हाथरस (उ. प्र.) से किया गया गिरफ्तार* *•ट्रक क्र. UP 86 T 4176 में 76.610 किलो ग्राम (कीमती 12 लाख रु.)गांजा किया गया था जप्त* *•आरोपी घटना दिनांक को पुलिस चेकिंग देखकर ट्रक को चेक पोस्ट के पास छोड़कर फरार हो गया था* *•गिरफ्तार आरोपी – राजू सिंह पिता बलबीर सिंह उम्र 36 विकासखंड पंडरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत डालामौहा के आंगनबाड़ी केंद्र पुराना होने के कारण अत्यंत जर्जर और बदहाल हो चुके हैं। बारिश के कारण छत से पानी टपक रहा है बच्चो को बैठाने की जगह नहीं है इसके बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है, जिसे नौनिहाल बच्चों के लिए सिर पर खतरा मंडरा रहा है। पुराना होने के कारण भवन के दीवाल और छत क्षतिग्रस्त हो चुके है । वहीं देखरेख के अभाव में आंगनबाड़ी भवन का नींव कमजोर पड़ गया है। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की दर्ज संख्या लगभग सौ से अधिक है। नौनिहाल बच्चों की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने जर्जर भवन की जानकारी अपने उच्चाधिकारी और सरपंच सचिव को दे चुके है। बाबजूद व्यवस्था ने कोई सुधार नहीं हो रहा है।