शिक्षक दिवस विशेषांक : जिन गुरुजनों की शिक्षा के बिना मैं जानवर से भी बद्तर होता आज शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें प्रणाम… धन्यवाद!

,डी एन योगी कबीर क्रांति 

आज शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम अपने पूज्यनीय गुरुजनों को सादर प्रणाम करता हूँ और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। साथ ही यह स्वीकार करता हूँ कि मैं आप सबका चिरऋणी हूँ क्योंकि आपकी शिक्षा और प्रेरणा के बिना मैं जानवर से भी बद्तर होता।

आज शिक्षक दिवस पर उन सभी गुरुजनों का मेरे जीवन में प्रभाव का मैं जिक्र नहीं कर पाऊँगा मगर मोटे तौर पर जिनसे जो मुख्य बातें मैंने सीखा है उन गुरुओं का नाम और उनके शिक्षा का उल्लेख जरूर करूँगा, जो इस प्रकार से है:-
# माँ मोतिम जोशी – आपने सब कुछ सिखाया, आज जो हूँ आपके बदौलत हूँ।
# पिता शैल जोशी – आपने मुझे अपने हक़ और अधिकार के लिये लड़ना सिखाया।
# दादी माँ कली जोशी – आपने कहानी-कहानी में गुणवत्तापूर्ण और आदर्श जीवन जीना सिखाया।
# परदादी माँ श्यामा जोशी – आपने मुझे शिक्षा को प्राथमिकता में रखने की सीख दी।
दादा मालिक जोशी – आपने मुझे सरलता, समानता और प्राकृतिक न्याय को अपने आचरण में शामिल करने की शिक्षा दी।
भैया देव जोशी – आपने मुझे निष्ठापूर्वक कर्तव्यों का पालन करना, समय के साथ सोचनाऔर आगे बढ़ने की स्किल दी है। आपने मुझे साहित्य रचना करने की प्रेरणा और कंप्यूटर की शिक्षा भी दी है।
# मंडलोई गुरुजी – आपने मुझे देवनागरी लिपि पढ़ना और लिखना सिखाया।
# अनिल बंजारे गुरुजी – आपने मुझे समय का महत्व और तत्परतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना सिखाया।
# लाल मैडम – आपने मुझे अंग्रेजी पढ़ना, लिखना और समझना सिखाया।
# ओंकार नाथ सिंह (प्रशिक्षक) – आपने मुझे शारीरिक रूप से मजबूत होने की प्रेरणा दी।
# आईपीएस गुरजिंदर पाल सिंह – आपने पद और उम्र के बजाय स्किल और योग्यता के आधार पर सम्मान की शिक्षा दी।
# गुरु घासीदास बाबा, भगवान बुद्ध, कबीर साहेब – आपने मेरी मानसिकता और विचारों को शुद्धता प्रदान करते हुए मुझमें दार्शनिक विचारों को जन्म दिया है।
# डॉ. भीमराव अंबेडकर – आपने मुझे कानूनी और संवैधानिक अधिकार प्रदान किया है, आपके द्वारा प्रदत्त अधिकारों के बिना मैं जानवर से बद्तर होता।
# अन्य सभी ज्ञात/अज्ञात गुरुजन और मार्गदर्शक।

पुनः आप सभी गुरुजनों के अलावा स्कूल-कॉलेज के समस्त शिक्षकगण और समय समय पर मार्गदर्शन करने वाले परिजनों, परिचितों और दोस्तों को सादर प्रणाम… धन्यवाद!

*अंत में समस्त जीव जंतुओं को अपेक्षाओं के साथ Happy Teachers Day कि वे सभी अपने गुरुजनों को सम्मान करना सीखेंगे, क्योंकि हम गुरुओं के बिना सबसे निकृष्ट जानवर और किट पतंगों से भी बद्तर होते।*

(हुलेश्वर प्रसाद जोशी)
लेखक, विचारक, मार्गदर्शक, दार्शनिक और पुलिस अधिकारी

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