बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी : श्री जय सिंह मरावी

कवर्धा,डी एन योगी कबीर क्रांति

कवर्धा ,,। मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकासखण्ड स्तरीय शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में बाल अधिकार संरक्षण एवं सुरक्षा विषय पर श्री सत्यनारायण राठौर जिला बाल संरक्षण अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग और श्री जे.एस. मरावी डीएसपी एवं नोडल अधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण में जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने किशोर न्याय (बालकों के देखेरख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम के तहत् देखरेख एवं जरूरतमंद बच्चों की विस्तृत जानकरी देते हुए पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया कि कोई बच्चा जिन्हें देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता हो, जिनके माता-पिता न हो या कोविड-19 संक्रमण से माता-पिता दोनो की मृत्यु हो गई हो, सड़क जैसे स्थिति में रहने के लिए मजबूर हो, किसी प्रकार से शोषित या बाल विवाह हुआ हो, भिक्षावृत्ति, नशावृत्ति में लिप्त हो, शाला त्यागी हो या ऐसे बच्चें जिनका देखभाल करने वाल कोई न हो ऐसे बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय बाल गृह एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं अन्य कार्यक्रम के माध्यम से आश्रय एवं उनकी पुर्नवास की सुविधा है जिसके लिए बच्चे की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बाल संरक्षण इकाई या बाल कल्याण समिति में दिया जा सकता है।
प्रशिक्षण में श्री जेएस मरावी डीएसपी एवं नोडल अधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं बच्चों के अधिकार एवं संरक्षण और सुरक्षा से जुडे़ कानूनी विषयों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेंदारी है। उन्होंने पॉक्सों एक्ट 2012 के विभिन्न धारा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की भारत सरकार द्वारा बच्चों पर लैंगिक उत्पीड़न और अश्लील साहित्य के अपराधों से बच्चों का संरक्षण करना तथा एसे अपराधों का विचारण करने के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना करने तथा उनसे संबंधित या जुड़े हुए विषयों के लिए उपबंध करने के लिए यह अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम के धारा 21 अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति को ऐसे अपराध की जानकारी है एवं वह सूचना नहीं देता है तो उसे भी सूचना देने में विफल रहने के लिए दण्ड का प्रावधान किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान श्री एच के नायक सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, श्री राजेन्द्र सोनी बीआरसीपी, जुगल किशोर मास्टर ट्रेर्नर एवं समस्त शंकुल प्रभारी उपस्थित थे।

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