बिलासपुर

रतनपुर की पवित्र मिट्टी भी शामिल होगी भगवान श्री राम के भव्य मंदिर की नींव में, मोहम्मद फैज ने कौशल के साथ संकलित की मां महामाया की नगरी की भी मिट्टी  

 रतनपुर,कबीर क्रांति

रतनपुर की पवित्र मिट्टी भी शामिल होगी भगवान श्री राम के भव्य मंदिर की नींव में, मोहम्मद फैज ने कौशल के साथ संकलित की मां महामाया की नगरी की भी मिट्टी,पढिए पुरी खबर
 रतनपुर की पवित्र मिट्टी भी शामिल होगी भगवान श्री राम के भव्य मंदिर की नींव में, मोहम्मद फैज ने कौशल के साथ संकलित की मां महामाया की नगरी की भी मिट्टी
 लिए वे भांचा है क्योंकि उनकी माता कौशल्या की यही जन्मभूमि है। यही कारण है कि भगवान श्रीराम को लेकर एक अलग तरह की भावना यहां नजर आती है

।छत्तीसगढ़ की इसी भावना को प्रदर्शित करते हुए भगवान के ननिहाल की पवित्र मिट्टी लेकर गौ भक्त फैज खान अयोध्या की ओर कूच कर चुके हैं। रायपुर से अयोध्या की करीब 800 किलोमीटर की दूरी वे 14 दिन में तय करेंगे । राजधानी रायपुर के चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर की पवित्र मिट्टी लेकर पिछले गुरुवार को गौ भक्त मोहम्मद फैज खान पदयात्रा करते हुए अयोध्या की ओर निकल पड़े ताकि 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन में वे नींव में भगवान श्री राम के ननिहाल की मिट्टी अर्पित कर सके ।
 इसे वे छत्तीसगढ़ की ओर से भांचा भेंट बता रहे हैं। रायपुर के जयस्तंभ चौक से उनकी यह पदयात्रा आरंभ हुई जिसके बाद में शुक्रवार को बिलासपुर पहुंचे, जहां रात्रि विश्राम के बाद वे शनिवार को एक बार फिर निकल पड़े। करीब 796 किलोमीटर की यात्रा पर निकले मोहम्मद फैज शनिवार को प्रदेश के एक और धार्मिक एवं पवित्र स्थल रतनपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मां महामाया का दर्शन कर यहां की पवित्र मिट्टी भी संकलित की। मंदिर के पुजारी बबलू महाराज के हाथों उन्होंने यह मिट्टी प्राप्त की। मोहम्मद फैज का कहना है की वनवास के दौरान भगवान श्रीराम पदयात्रा करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर मौजूद व्यक्ति तक भी पहुंचे थे। उन्हीं से प्रेरित होकर मोहम्मद फैज ने यह पदयात्रा आरंभ की है। इससे पहले भी गौ सेवा सद्भावना यात्रा के रूप में मोहम्मद फैज देश भर में 15 सौ किलोमीटर की पदयात्रा कर चुके हैं । मुस्लिम होने के बाद भी आरम्भ से ही गौ भक्त और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले मोहम्मद फैज खान की छवि देश के उन चंद लोगों में है जो सचमुच हिंदू मुस्लिम एकता के प्रतीक है ।मुस्लिम होने के बाद भी भगवान श्री राम के मंदिर को लेकर उनका उत्साह देखते ही बनता है। यही कारण है कि रास्ते भर उन्हें सबका स्नेह मिल रहा है।
 रतनपुर पहुंचने पर भी लोगों ने उनका आत्मिक स्वागत सत्कार किया ।यहां से महामाया के दर्शन और यहां की पवित्र मिट्टी संकलित करने के बाद वे आगे की यात्रा पर निकल पड़े हैं । आगे मोहम्मद फैज अमरकंटक, शहडोल प्रयागराज होते हुए भूमि पूजन से पूर्व अयोध्या पहुंच जाएंगे ।आपको बता दें कि रायपुर निवासी मोहम्मद फैज खान की पहचान गौ भक्त और राम कथा वाचक के रूप में है। उन्होंने बताया कि आज भगवान श्री राम का ननिहाल दक्षिण कौशल छत्तीसगढ़ के नाम से जाना जाता है। यहां के लोगों के रोम रोम में राम बसते हैं ।भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास यात्रा के दौरान भी यहां से गुजरे थे। यही कारण है कि यहां के लोगों की भी इच्छा है कि भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के लिए उनके ननिहाल से भी भेंट की जाए। छत्तीसगढ़ की ओर से यह भांचा भेंट है। मोहम्मद फैज अयोध्या पहुंचने के लिए हर दिन लगभग 60 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में श्री राम मंदिर के इस शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद फैज भी कौशल्या मंदिर और महामाया मंदिर से अर्जित मिट्टी को मंत्रोच्चार के बीच अर्पित करेंगे। उन्होंने इस पवित्र मिट्टी को चांदी की डिब्बी में रखा है।

 

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