अक्षय तृतीया पर होने वाली शादियां रुकने से कहीं खुशी कहीं गम बागली। अक्षय तृतीया पर कई लोग परिणय बंधन में बंधने वाले थे किंतु वैश्विक महामारी के चलते कई लोगों के दिल के अरमां आंसुओं में बह गए । सर्वविदित एक ही भारतवर्ष का एकमात्र शुभ मुहूर्त जिसमें बगैर मुहूर्त के भी परिणय बंधन बांधा जाना उचित था। लेकिन इस बार राष्ट्र धर्म के पालन में यह संभव नहीं हो सका क्षेत्र में कई परिवारों में विवाह समारोह के कार्ड छप चुके थे कुछ घरों में तो प्रासंगिक तैयारी शुरू हो गई थी लेकिन संस्कृति शिक्षा के अनुरूप मुहूर्त समय में होने वाली शादियों को फिलहाल टाल दिया गया इसमें कुछ खट्टे मीठे अनुभव आए हैं बेहरी में दो लड़कों के संबंध इस मुहूर्त में तय थे लेकिन स्थिति विपरीत होने के कारण विवाह बंधन नहीं हो पाया इसी बीच कुछ अनजान कारणों से संबंध टूट गए वही रामपुरा गांव में शादी की पूरी तैयारी हो गई लेकिन बारात कैसे लाएं इस परेशानी के चलते ऐन वक्त पर तारीख आगे बढ़ाई मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत 2 माह पूर्व से तैयारी करने वाले संस्थान भी जवाब देने की स्थिति में नहीं है उसी प्रकार अधिकतर मांगलिक एवं शुभ प्रसंग वाले कार्यक्रम निरस्त होने से और उसके एवज में अतिरिक्त खाद्यान्न सामग्री घर में आ जाने से ग्रहणीया खुश नजर आ रही है उनका कहना है कि लाक डाउन में यह चीजें नहीं खरीद पाते लेकिन संयोग से 6 मांह का राशन पानी घर में आ गया। पंडित सुनील जोशी के अनुसार विवाह संस्कार मुहूर्त में लाक डाउन में 14 महत्वपूर्ण मुहूर्त निकल गए कई जजमान की लग्न तारीख हमने निकाल दी थी कोई ग्रह दोष सामने नहीं आने के बाद भी वायरस वायरस दोष आने से विवाह तिथियां आगे बढ़ा दी गई Spread the love Post navigation तीन दिन पहले बने खाना 2500 पैकेट जंगल मे फेका राजस्थान कोटा से सुव्यवस्तिथ लौटे छात्रों की तरह अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूरों को भी जल्द प्रदेश लाया जाए – आनंद सिंह