बीमारियों का ईलाज भी है रोजा : हिंगोरा कवर्धा – रमजानुल मुबारक का मुकद्दस महीना अपने साथ रहमतो , मुसर्रत व बरकत लेकर एक बार फिर प्रारंभ हो चूका है l इस्लाम वह मुकद्दस व पाकीजा मजहब है जो इंसान की जिस्मानी और रूहानी बीमारियों का इलाज करके मानव देह को सेहतमंद बनाता है उक्त बाते मुस्लिम समाज के जनाब हाजी मोहम्मद सलीम हिंगोरा ने रमजान के मौके में खी उन्होंने बताया कि 30 दिन का रोजा हमारी दोनों बीमारियों का इलाज बनकर आता है , मेडिकल थ्योरी एवं साइन्स के लिहाज से 30 दिनों के रोजे हमारी जिस्म की तमाम बीमारिया ख़त्म कर देती है l हाजी सलीम हिंगोरा ने बताया की पेट ही बीमारियों का सबसे बड़ा घर होता है, जब्कि वह रोजा से सही होगा तो तमाम बीमारियों पर काबू हो जाएगा l उन्होंने कहा कि तीस दिनों के रोजे हमारी परीक्षा है रोजा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं बल्कि आँख कान हाथ व पैर पुरे जिस्म का ही रोजा होता है जब मोमिन बन्दे ने 30 दिन तक जुबान कि झूठ से रोका , हाथ व पैर को बुराईयो के तरफ जाने से रोका , आँखों को बुरी निगाहों से रोका , कान को चुगली बुरी एवं गन्दी बाते सुनने से रोका तो 30 दिनों में बुराइयों को छोड़ देने की आदत हो जाती है l यु समझिये कि 30 दिनों में बुराइयों को छोड़ने का परिक्षण हो गया l अत रूहानी इलाज भी हो गया l इस अदा से खुश होकर हमारे अन्दर के तमाम बुराइयों व परेशानियों को दूर कर हमारी नेकियो को 70 गुना बढ़ा देता है और माहे रमजान में मोमिन रोजेदार जो भी नेक दुवा मांगता है खुदा उसे कबुल करता है इस माह में गरीबो को खास कर मदद दी जाती है l जनाब हिंगोरा ने खा कि रोजेदारो का एहतराम सभी मजहबो के लोग करते है ससे बडा व अफजल रोजा 27 वा रोजा होता है जिसे अनेक हिन्दू भाई भी रखते है रोजा रखने से खुदा से नजदीक हासिल होती है और भूखो को को देखकर दिल में भूख का एहसास होता है l उनके लिए दिल में मुरव्वत व हमदर्दी पैदा होती है एवं गरीबो यतीमो बेवाओ एवं भूखो को मदद करने की इच्छा होती है जिस्स्से खुदा अपने बन्दों से राजी होकर उसके नाम , आमाल में ढेरो नेकी व सवाब अता करता है l मोहम्मद सलीम हिंगोराओ रमजान शरीफ के मुबारक़ मौके पर छोटे छोटे बच्चों ने भी खुदा की बारगाह में अपने नन्हे हाथों को उठाकर अल्लाह से दुआ मांगी Spread the love Post navigation दुख की घड़ी में गरीब पत्रकार साथियो की चिंता को लेकर जल्द होगी चर्चा….योगी *अपील* सभी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधियों से आग्रह है कि कोटा से आए छात्र-छात्राओं को क्वारेंटाईन में रखा गया है। क्वारेंटाईन प्रोटोकाॅल के तहत उनसे बातचीत या संपर्क करते समय अत्यन्त सावधानी रखने की जरूरत है। देखने में आया है कि कुछ प्रतिनिधि बिना सावधानी का पालन किए आने वाली बसों में जाकर छात्र-छात्राओं से चर्चा कर रहे है। आपसे आग्रह है कि कृपया क्वारेंटाईन प्रोटोकाॅल का पालन करें ताकि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण से बचा जा सके