: रमजान शरीफ की इबादत रोजा इफ्तार, नमाजे पंजगाना, नमाज़ें तराबीह घरो में ही अदा करे ,,,,हिंगोरा कवर्धा, मुस्लिम समाज के जनाब हाजी मो.सलीम हिंगोरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि फ़ज़ीलतो और बरकतों वाला महीना रमजान उल मुबारक के आमद की दस्तक हर मोमिन को अब साफ सुनाई देने लगी है । यह वह मुबारक महीना है जिसका इंतजार हर मोमिन मर्द औरत और बच्चों को बेताबी से होता है इस महीने मस्जिदे ख़ूब आबाद रहती है मगर शायद यह पहला मौका होगा जबकि लोग मस्जिदों की बजाय अपने घरों में इबादत कर रहे होंगे और ये ज़रूरी भी है। हमे हुक़ूमत के हुक्म पर पूरी सच्चाई और ईमानदारी से अमल करते हुए अपने अपने घर पर रहकर ही इबादतें करना चाहिए क्योंकि इस वक्त हमारा मुल्क एक खतरनाक वबा कोरोना वायरस से जूझ रहा है । हर एक मुसलमान का फर्ज है कि वह इस खतरनाक बीमारी से बचने हर तरह से एहतियात रखें और लॉक डाउन का पालन करे साथ ही इस मुश्किल घड़ी में ज़रूरतमंदो की मदद भी करें । इस्लाम का मायने होता हैं अमन और शांति। जो कोई भी अमन चैन को बिगाड़ने कोशिश करते हैं, यक़ीनन वो मजहबे इस्लाम के नही हो सकते। व्यवस्थित जीवन शैली को इस्लाम में जिस खूबसूरती से बतलाया गया है वह अपने आप में बेमिसाल है i इस्लाम के ‘सुतून’ यानि फ़रायज़ (फ़र्ज़) कुल 5 है, 1.कलमा2.नमाज़3.ज़कात4.हज.5.रमजान के रोजे:इस्लाम का वो मुबारक महिना जिसमे पूरे 1 महीने तक मुस्लिम्स रोज़ा रख कर अपने रब की इबादत कर अपने रब को राज़ी करते हैं । इस मुबारक महीने की गई इबादत का सवाब अन्य महीनों की इबादतो से 70 गुना अधिक होता है । जिसके बारे में विस्तारपूर्वक आगे पढ़ सकेंगे कि किस तरह से रब अपने बंदे से से खुश होकर उसे इनाम भी अता करता है । बेशक यह रब का हम गुनहगार बंदों पर एहसान हैं जो बेशक हमें अपने नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सदके वो तुफेल मिलता है ये 5 वो सुतून है जिसे फ़र्ज़ कहा गया है। फ़र्ज़ की अदायगी सभी मुस्लिम मर्द- औरतो पर ज़रूरी है मगर ज़कात और हज वो फ़रायज़ है जो हर किसी के लिए नहीं बल्कि यह सिर्फ साहिबे हैसियत (पैसे वालो) के लिए ही फ़र्ज़ यानि ज़रूरी है । हाजी मो.सलीम हिंगोरा,कवर्धा जी भाई साहब अगर कल याने कि24 अप्रैल को चाँद दिखाई देता है या चाँद की तसदीक होती हैं तो फिर कल रात से ही तराबीह की नमाज जो कि रमजान शरीफ में अतिरिक्त नमाज पढ़ी जाती हैं एवम रोजा 25 अप्रैल से शुरू होगा वैसे तो रमजान शरीफ़ की इबादत मस्जिद में ही अदा की जाती थी परंतु वर्तमान समय में कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन को मद्देनजर रमजान शरीफ के मुबारक़ मौके पर शासन प्रशासन के आदेशों का पालन करते हुऐ तमाम मुसलमान रोजेदारों से गुजारिश है कि अपने अपने घरों मे रहकर सेहरी, रोजा इफ्तार ,नमाजे पंजगाना एवं तराबीह की नमाज अदा कर खुदा की बारगाह में दुआकरे कि मौला कोरोना वायरस से हमारे शहर ,छत्तीसगढ़ राज्य सहित मुल्के हिंदुस्तान के तमाम लोगों की इस महामारी से हिफाजत फ़रमाकर तमाम बलाओ,परेशानियों से हम सबको महफूज़ रखे Spread the love Post navigation : ग्राम कुपडोंगरी में अज्ञात व्यक्ति का मानव कंकाल का अवशेष मिलने से सूचक अमर सिंह मसराम के मौखिक रिपोर्ट आज दिनाँक 23-04-2020 को मर्ग कायम का मार्ग जांच में लिया छत्तीसगढ़ में गोस्वामी के खिलाफ 101 एफआईआर असहिष्णुता और तिलमिलाहट का परिचायक : डॉ रमन सिंह*