बालिकाओं में “ना” कहने की प्रवृत्ति का हो विकास

“परियोजना विजयी” के अंतर्गत बालिकाओं में हो रहा है कौशल विकास

कवर्धा।कबीर क्रांति

कवर्धा,कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बोड़ला में अध्ययनरत कक्षा आठवी की बालिकाओं” में कौशल विकास विकसित करने के उद्देश्य से “रूम टू रीड” संस्था के मार्गदर्शन में गतिविधियां कराई गईं तथा बालिकाओं में ” ना ” कहने की प्रवृति विकसित की गई।

प्रदेश में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में परियोजना विजयी कार्यक्रम के तहत कौशल विकास की अनेक गतिविधियां कराई जाती हैं ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। इस क्रम में “रूम टू रीड” संस्था रायपुर की ओर से सुश्री चेतना ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बोड़ला में आयोजित इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग की ।
इस अवसर पर जिले के बालिका शिक्षा प्रभारी सहायक परियोजना समन्वयक अवधेश नंदन श्रीवास्तव ने बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रायः बालिकाओं को समूह में रहने के दौरान अन्य व्यक्तियों या सहेलियों के द्वारा गैर जरूरी बातों के माध्यम से मन को भटकाया जा सकता है उदाहरण के लिए पढ़ाई के समय खेलने, गप्प मारने या मनोरंजन करने की बात कहकर लक्ष्य से भटकाया जा सकता है ऐसी परिस्थितियों में बालिकाओ को उन अनुचित या अनावश्यक प्रस्तावों पर “ना” कहना आना चाहिए हैं इससे न केवल बालिकाओं में अपने लक्ष्य के प्रति जागृति आएगी बल्कि वे किसी होने वाले नुकसान से भी बच जाएंगे। बालिकाओं ने गतिविधि के माध्यम से भी ना कहने की प्रवृत्ति का प्रस्तुतिकरण किया।
इस अवसर पर खण्ड स्त्रोत समन्वय हरेकृष्ण नायक ने समय प्रबंधन पर प्रकाश डाला एवम विद्यालय की अधिक्षिका श्रीमती ललितातारा अनंत एवम कौशल विकास गतिविधि प्रभारी शिक्षिका श्रीमती मधुलता यादव गतिविधि सम्पन्न कराई।

परियोजना विजयी कार्यक्रम के संचालन से अब बालिकाओं में अनेक तरह के सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं।

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