सुराजी गांव योजना बाड़ी विकास योजना से किसान शिवनारायण को मिली तरक्की की राह किसान की बाड़ी हो उत्पादन होने लगा ताजी-ताजी हरी सब्जियां कवर्धा। कबीर क्रांति कबीरधाम जिले के एक छोटे से गांव मे ंरहन वाले किसान शिवनारायाण ने अपनी कड़ी मेहनत और सुझबूस से अपनी ही बाड़ी से आमदानी का अलग से रास्त बना लिया है। उन्होने अपनी सुझ-बूस से अपनी घर की बाड़ी में तीन से चार प्रकार की अलग-अलग सब्जियां उत्पादन कर सीधे बाजार में बेचना शुरू भी कर दिया है। उन्होने दो से तीन माह में ही 5 से 6 हजार रूपए की अलग से आमदानी कर लिया है। किसाना को अतिरिक्त आमदानी का जरिया बनाने में छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी ग्राम योजना की बाड़ी विकास कार्यक्रम से बहुत मदद मिली है। किसान शिवनारायण चन्द्राकर मुलतः कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोयलारी के रहने वाले वाले। किसान शिवनारायण अपने परिवार के साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में पहले से परिवार के साथ जुड़कर काम करते आए है, लेकिन सुराजी गांव योजना के अंतर्गत चलाए जा रहें नरूवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना से इनको बहुत लाभ मिला। घर की बाड़ी में वैसे तो पहले भी साग सब्जी होते उगाते थे, लेकिन इतना नहीं की उसे बेच कर अच्छी आमदनी कमायी जा सकें। जमीन की पैदावार, कीट रोकने की दवाइयां और बेहतर बीज की व्यवस्था परेशानियां से भरा होता था। इन सभी समस्याओं का समाधान बाड़ी विकास योजना में छुपा था जिसे किसान शिवनारायण ने पहचाना और इसका लाभ लेने लगे। इनके परिवार के मांग पर ग्राम पंचायत कोयलारी में क्षेत्र के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी के साथ मिलकर योजना बनाई और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से उन्हे 16 हजार दो सौ रूपए का बाड़ी विकास काम स्वीकृत हुआ। अपने खुद की बाड़ी में जमीन समतलीकरण और उपचार करने के लिए श्री शिवनारायण और उसके परिवार के लोगों को 13 हजार दो सौ रूपए मजदूरी मिल गई। उन्होने अपनी कड़ी मेहनत से अपनी बाड़ी को उपजाउ बनाया। बाकी बचें तीन हाजर रूपए में रूपए से जैविक खाद् विभिन्न प्रकार की सब्जियों के बीज तथा जैविक दवाईयां मिल गई। किसान शिवनारायण बतातें है की उन्होने अपनी बाड़ी में बरबटटी, भिन्डी, करेला, लौकी, तरोइ, खीरा, बैगन जैसे सब्जियाँ लेकर गांव के बाजार में बेच कर अच्छी आमदनी कमा रहे है। उन्होने आगे यह भी बताया कि अभी दो-तीन माह हुआ है इस योजना से जुड़कर अपने बाड़ी में काम करते हुए लेकिन इतने कम समय में हरी-हारी और ताजी सब्जियां बेचकर 5 से 6 हजार रूपए की आमदनी कर लिया है। शिवनारायण कहते है मैं अपने पूरे परिवार के साथ रहता हुं, बचपन से खेती किसानी हमारा मुख्य काम रहा है। अपने पिता श्री रामपूरी के साथ रोजगार गारंटी योजना में जुड़कर काम करता रहा हुं। इसलिए मैनें अपने बाड़ी में काम स्वीकृत कराने का निर्णय लिया, जिससे मेरा आमदनी और बढ़ सकें। पहले सुविधा के अभाव में थोड़ी बहुत सब्जी मुश्किल से होता था,लेकिन अब मेरे बाड़ी में इस योजना से सब्जी उत्पादन हो रहा है और लाभ मिलना शुरू हो गया है। सब्जी बेच कर अच्छी आमदनी हो रही है। पहले से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं अपने परिवार के जरूरतों को अच्छे ढ़ंग से पूरा कर रहा हुँ। सब्जियां लगाने एवं उसकी देखरेख करते हुए समय पर खाद् दवाईयां डालने से बेहतर नतीजे मिल रहा है। Spread the love Post navigation कबीरधाम जिल के सभी छह नगरीय निकायों के वार्डों का लाटरी पद्वति से किए गए आरक्षण बालोद पुलिस एवं न्यायालय के तत्वाधान में ध्वनि प्रदूषण एवं संवेदनशील कार्य एवं आम लोगो को जागरूक करने आयोजन किया गया….