रायपुर: छत्तीसगढ़ की तासीर प्रेम, भाईचारे और सबको साथ लेकर चलने की है। राज्य सरकार की यह मंशा है कि सबकी रायशुमारी करके ही निर्णय लिए जाने चाहिए। राज्य शासन का प्रत्येक विभाग आम जनता की सहायता के लिए हैं। जनता के काम अटकाने या परेशान करने के लिए नहीं। विभागों को अपनी कार्य संस्कृति में पेशेवर रूख (प्रोफेशनल एप्रोच) अपनाकर और जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर काम करना होगा। उक्त बाते प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते हुए कही. मुख्यमंत्री ने व्यापारी संगठनों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योग और व्यापार के लिए अच्छा वातावरण और सुरक्षा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने उद्योगपतियों और व्यापारियों से लघु वनोपज, उद्यानिकी फसलों और कृषि उत्पादों पर आधारित छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना का आव्हान किया। बघेल ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा और विकास उपाध्याय रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर किरणमयी नायक विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थीं। चेम्बर के पदाधिकारियों द्वारा शाल, नारियल और स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया। प्रदेश के विभिन्न व्यापारी संगठनों, विभिन्न जिलों से आए व्यापारी प्रतिनिधि मंडलों, चेम्बर की महिला शाखा और युवा शाखा द्वारा मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया गया। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर और तलवार भेंट कर उनका अभिनन्दन किया गया। एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 51 हजार रूपए का चेक भी मुख्यमंत्री को भेंट किया गया। रायपुर होलसेल फुटवेयर एसोसिएशन डुमरतराई रायपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया गया।
मुख्यमंत्री ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि केवल लोहा और कोयले पर आधारित उद्योग ही नहीं लगाया जाएं। रायपुर, दुर्ग में फल और सब्जियों का खूब उत्पादन हो रहा है। हमारे जंगलों में लघु वनोपजों की अच्छी पैदावार होती है। वनोपज आधारित उद्योगों के लगने से वनवासियों और किसानों को अपने उपज का अच्छा मूल्य मिलेगा और लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उद्योग और व्यापार बढऩे से राज्य सरकार को टैक्स भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के बाहर जाकर किसी की मदद नहीं की जाएगी। उन्होंने शासन के विभागों की कार्यप्रणाली में आ रहे परिवर्तन के बारे में बताया कि छोटे भूखण्डों की बिक्री की प्रक्रिया सरलीकृत किए जाने के बाद अब तक लगभग 1250 भूखण्डों की रजिस्ट्री हो चुकी है। छोटे भूखण्डों की बिक्री काफी समय से रूकी हुई थी। डायवर्सन की प्रक्रिया के सरलीकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

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