कलेक्टर ने स्वास्थ्य व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली

कवर्धा,  कबीरधाम जिले में वर्षा ऋतु में होने वाले मौसमी, संक्रामक और जलजनित बीमारियों के रोकथाम के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण ने आज स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर मौसमी और संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए अब तक किए तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कबीरधाम जिले के आदिवासी बैगा बाहूल बोडला और पंडरिया विकासखण्ड के 38 गांव मजरा टोले को चिन्हांकित किया गया है, जिसमें जलजनित, संक्रामक और मौसमी बीमारियों की होने की संभावना बनी रहती है।

कलेक्टर ने सभी ग्राम तथा मंजरे टोलो में डिपो होल्डर मितानिन को खंड चिकित्सा अधिकारियों द्वारा महामारी नियंत्रण औषधि एवं मलेरिया रोधी औषधियां उपलब्ध करने के निर्देश दिए है। उन्होने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक डिपो होल्डर एवं मितानिनों के द्वारा उनके घर के सामने उनके पास उपलब्ध दवाआें की सूची आवश्यक रूप से लगाए तथा पर्याप्त मात्रा में ओ.आर.एस. पैकेट क्लोरीन गोलियां ब्लीचिग पाउडर, पैरासीटामोल, गोलियां आदि की उपलब्धता रखे।

कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण ने कहा कि सबसे पहले यह सुनिश्चित कर ले कि कोई भी अस्पताल िंचकित्सक विहीन तथा कोई भी उप स्वास्थ्य केन्द्र कार्यकर्ता विहिन नहीं रहे। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में पर्याप्त मात्रा में संक्रामक बीमारी के लिए आवश्यक सभी दवाईयां उपलब्ध होनी चाहिए, इसके लिए दवाइयों का समुचित भंडारण सुनिश्चित कर लिया जाएं। वर्षा ऋतु में होने वाले संक्रामक बीमारियों में उल्टी दस्त, बुखार, पीलिया, मलेरिया, आंत्रशोध आदि के फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे यह बीमारी महामारी का रूप धारण करने की सम्भावना काफी बढ़ जाती है। इन संक्रामक बीमारियों को प्रभावशाली तरीके से नियंत्रण के लिए

स्वास्थ्य दलों का गठन कर चिन्हांकित गांवों की विशेष मॉनिटरिंग करें। जिले के चिकित्सक विहीन संस्थाओं में आर.एम.ए. तथा कार्यकर्ता विहीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों में नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों के कार्यकर्ताओं की व्यवस्था करें।
कलेक्टर  शरण ने जिले के वनांचल व पहुंच विहीन तथा महामारी संभावित ग्राम संवेदनशील और अतिसंवेदनशील ग्रामो की निगरानी एवं नियंत्रण के लिए प्रत्येक सप्ताह संबंधित कार्यकर्ता को भ्रमण के निर्देश दिए है। जिले के वनांचल क्षेत्रों पंडरिया एवं बोडला विकासखंड के महामारी नियंत्रण के लिए जांच उपचार शिविर आयोजित करने कहा गया है। जिला चिकित्सालय एवं समस्त विकासखंडो में आपात कालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिला और सामुदायिक स्वा. केन्द्र स्तर पर महामारी नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है।

श्री शरण ने जिले के सभी जल स़्त्रोतों का जल शुद्विकरण ब्लीचिंग पाउडर से हेण्ड पम्पों, कुओं, बोरींग के जल शुद्विकरण के लिए क्लोरीनीकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के सहयोग से प्रत्येक सप्ताह करने के निर्देश दिए है। उन्होने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिनस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से

वर्षा ऋतु में संक्रामक रोगों के प्रकोप होने के स्थिति में प्रतिदिन प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर हर कुओं का ब्लीचिंग पाउडर से जल शुद्धिकरण करे। वर्षा ऋतु में संक्रामक रोगों के प्रकरण होने पर कारण जानने के लिए उनका पैथोलॉजी जांच जैसे मल परीक्षण, रक्त परीक्षण, के लिए मेडिकल कालेज रायपुर द्वारा किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे और जल परीक्षण पीएचई. विभाग के माध्यम से कराए। महामारी और संक्रामक रोगों से बचाव के उपायों का हर स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार करे। कलेक्टर ने कहा कि संक्रामक बीमारियों से संबंधित प्रकरण का दैनिक, सप्ताहिक, एवं मासिक प्रतिवेदन नियमित रूप से एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) जिला कबीरधाम द्वारा राज्य महामारी नियंत्रण शाखा आईडीएसपी नया रायपुर को करना भी सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके तिवारी ने बताया कि जिला चिकित्सालय, सामुदायिक, प्राथमिक और उपस्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर काम्बेक्ट टीम का गठन किया गया हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त मात्रा में महामारी नियंत्रण औषधि के लिए आवश्यक सभी दवाइयों की उपलब्धता एवं समुचित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सड़ी गली सब्जी, फल, मछली, आदि की विक्रय ना हो, इसके लिए उपाय किये जाने के लिए निर्देशित किया गया है।

बच्चों में दस्त रोग के समुचित प्रबंधन हेतु ‘‘लो आस्मोलर ओ.आर.एस.‘‘ एवं चौदह दिनों तक ‘‘जिंक डिस्पर्सिबल गोलियां‘‘ का उपयोग सुनिश्चित किया गया है। जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य क्रेन्द्रों को महामारी पीडित मरीजों की भर्ती एवं उपचार के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, तथा गंभीर मरीजां को जिला चिकित्सालय रिफर कर उपचार किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैठक में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. ए.के. गजभिए, डीपीएम सुश्री निलू धृतलहरे, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी, एमओ तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ तथा सुपरवाईजर उपस्थित थे।

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