
राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में जनता की खामोशी ने किया राजनीतिक दलों को बेचैन


कवर्धा: लोकसभा चुनाव में राजनैतिक दलों का प्रचार प्रसार चरम पर पहुंच चुका है. कांग्रेस के भोलाराम साहू व भाजपा के संतोष पांडे के बीच सीधा मुकाबला नजर आ रहा है. इस चुनाव में कार्यकर्ताओं की उदासीनता व मतदाताओं की चुप्पी ने राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों को बेचैन कर दिया है. कांग्रेस को जहां सत्ता विरोधी लहर पर भरोसा है कि पांच साल में मोदी सरकार से नाराज लोग कांग्रेस को वोट करेंगे वहीं भाजपा का दावा है कि मजबूत राष्ट मजबूत सरकार के नारे के साथ मोदी लहर में भाजपा जीतेगी. जनता इस मामले में अपने पत्ते नही खोल रही है.
दो जिले होने से जिलावाद का होगा असर ..?
राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में कुल 8 विधानसभा क्षेत्र है जिसमें से दो विधानसभा क्षेत्र कवर्धा व पंडरिया कबीरधाम जिले में आते है ऐसे में स्थानीय होने के चलते भाजपा प्रत्याशी संतोष पांडे का पलड़ा भारी होने की बात कही जा रही है वहीं राजनांदगांव जिले के छ: विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम साहू को स्थानीय होने का लाभ मिलने की बात कही जा रही है हालांकि इसका उल्टा भी हो सकता है.
जातिवाद का फैक्टर दिखायेगा प्रभाव..?
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि चुनाव में राष्ट्रीय मुद्दों से ज्यादा जातिवाद फैक्टर का असर दिखेगा. कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम साहू के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस प्रत्याशी पिछड़ा वर्ग से संबंधित है जिसके चलते साहू, कुर्मी,मरार व लोधी सहित पिछड़ा वर्ग के अधिकांश मतदाता कांग्रेस के पक्ष में वोट देंगे जबकि भाजपा प्रत्याशी संतोष पांडे के समर्थकों का दावा है कि लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर फोकस होता है जो कि आतंकवाद, राष्ट्र विकासएभ्रष्ट्राचार सहित अन्य राष्ट्रीय मुद्दो पर जनता अपना वोट देगी. भाजपाईयों के अनुसार मोदी लहर के चलते जनता संतोष पांडे को वोट देगी.
विधानसभा चुनाव के परिणामों का होगा असर..?
राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार लोकसभा क्षेत्र के छ: विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक जीतकर आये है जिसका लाभ कांग्रेस को मिल सकता है वहीं राजनंादगांव विधानसभा क्षेत्र व खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में गैर कांग्रेसी विधायक है जिसमें भाजपा अत्यंत कद्दावर राजनेता पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह राजनांदगांव से विधायक है जिसका लाभ भाजपा को मिलना तय है वहीं कवर्धा विधानसभा से निर्वाचित मो. अकबर वर्तमान में राज्य में कैबिनेट मंत्री राजनांदगांव जिला के प्रभारी मंत्री है जिसका लाभ कांग्रेस को मिलेगा इस तरह चुनाव में डा. रमन सिंह व मो. अकबर की प्रतिष्ठा दांव में लगी हुई है.
प्रत्याशियों की छवि को तौल रही जनता…?
लोकसभा क्षेत्र की जनता पार्टी की छवि के साथ प्रत्याशियों की छवि को भी तौल रही है. कांग्रेस प्रत्याशी जहां पूर्व विधायक रह चुके है , मिलनसार व लोकप्रिय है वही भाजपा प्रत्याशी युवा आयोंग के अध्यक्ष सहित कई पदों में रह चुके है वे आरएसएस के अलावा भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके है उनकी पहचान एक प्रखर वक्ता की रही है। ऐसे में जनता छवि को देखकर अपना निर्णय लेगी.
बहरहाल चुनाव में अब महज चंद दिन बाकी रहने के बाद भी दावे के साथ कुछ नही कहा जा सकता कि परिणाम क्या आयेगा. राजनैतिक दलों के दावे के बीच जनता की खामोशी व कार्यकर्ताओं की उदासीनता ने राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों को बेचैन कर दिया है.




