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कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी एन योगी की रिपोर्ट पंडरिया/कवर्धा। भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निमंत्रण पत्र से स्थानीय विधायक, मुख्यमंत्री और जिला अध्यक्ष के नाम हटाए जाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। मामले को लेकर कलेक्टर और डीएफओ को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी में स्पष्ट कहा गया है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पंडरिया में जनआक्रोश सड़कों पर देखने को मिल सकता है। विरोध करने वालों ने इस पूरे प्रकरण को विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के नाम हटाने से उनका महत्व कम नहीं होता, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते दबाव को देखते हुए जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी एन योगी की रिपोर्ट

पंडरिया/कवर्धा।

भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निमंत्रण पत्र से स्थानीय विधायक, मुख्यमंत्री और जिला अध्यक्ष के नाम हटाए जाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

मामले को लेकर कलेक्टर और डीएफओ को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी में स्पष्ट कहा गया है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पंडरिया में जनआक्रोश सड़कों पर देखने को मिल सकता है।

विरोध करने वालों ने इस पूरे प्रकरण को विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के नाम हटाने से उनका महत्व कम नहीं होता, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते दबाव को देखते हुए जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट

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