कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी एन योगी की रिपोर्ट पंडरिया/कवर्धा। भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निमंत्रण पत्र से स्थानीय विधायक, मुख्यमंत्री और जिला अध्यक्ष के नाम हटाए जाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है। मामले को लेकर कलेक्टर और डीएफओ को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। चेतावनी में स्पष्ट कहा गया है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो पंडरिया में जनआक्रोश सड़कों पर देखने को मिल सकता है। विरोध करने वालों ने इस पूरे प्रकरण को विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के नाम हटाने से उनका महत्व कम नहीं होता, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बढ़ते दबाव को देखते हुए जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये डी एन योगी की रिपोर्ट Spread the love Post navigation *विशेष लेख* *छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन* *औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं* धनंजय राठौर संयुक्त संचालक अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारी कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ | डी एन योगी की रिपोर्ट छत्तीसगढ़। प्रदेश में नक्सलवाद खत्म होने के दावों के बीच आज DRG के 4 जवानों की शहादत ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। युवा कांग्रेस नेता राहुल सिन्हा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार और गृह मंत्री लगातार यह दावा कर रहे हैं कि नक्सलवाद समाप्ति की ओर है, तो ऐसी घटनाएं इन दावों की सच्चाई उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत और सरकारी दावों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ हमारे जवान नक्सलियों से लड़ते हुए अपनी जान न्यौछावर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक मंचों पर उपलब्धियों का जश्न मनाया जा रहा है। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि शहीद जवानों के प्रति असंवेदनशीलता को भी दर्शाती है। राहुल सिन्हा ने विशेष रूप से केदार कश्यप के कवर्धा आगमन पर हुए भव्य स्वागत कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे समय में जब प्रदेश के जवान शहीद हो रहे हों, तब उत्सव और स्वागत कार्यक्रमों का आयोजन करना शहीदों के सम्मान के विपरीत है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या पर सिर्फ बयानबाजी और प्रचार तक सीमित न रहे, बल्कि ठोस रणनीति और प्रभावी कार्रवाई के जरिए जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करे। शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 💐💐💐🙏