कार्यकर्ताओ के आपसी कलह से जूझ रही है काग्रेस

  • भूपेश बघेल की नैया कैसे पार लगेगी
  • पुर्व मंत्री मो, अकबर प्रचार अभियान से दूर चर्चा का बाजार गर्म
  • चुनाव प्रचार से कार्य कर्ता बना रहे हैं दूरी
  • वनांचल में कांग्रेस की हालत कमजोर
  • कांग्रेस के बड़े चेहरा  चुनाव में गायब
  • मुख्यमंत्री रहते जनता से दूर रहे भूपेश बघेल

कवर्धा डी एन योगी कबीर क्रांति

  • कवर्धा,,,, पूरे देश में लोक सभा चुनाव का आदर्श आचार संहिता लागू है, राजनंदगाव लोक सभा से कांग्रेस ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपना प्रत्यासी बनाया है और चुनाव प्रचार प्रसार जोर से चल रहा है। कवर्धा विधान सभा के पूर्व विधायक, भूपेश बघेल कार्यकाल के कद्दावर मंत्री मोहमद अकबर के चुनाव प्रचार अभियान से दूरी बनाए रखना लोगो में जोरो की चर्चा है । बाजार में भूपेश बघेल को सबसे कमजोर उम्मीद वार की नजरिए भी देखा जा रहा है जिसका मुख्य वजह उनके कार्यकाल ही है । कवर्धा शहर से लगातार दूरी बनाए रखना और उनके द्वारा लोकार्पित हाई टेक बस स्टैड, पौनी पसारी योजना के तहत निर्मित चबूतरा जिसमे लाखो रुपए खर्च किए गए लेकिन उपयोग कौड़ी भर का नही है ।पूर्व मंत्री मो, अकबर प्रचार अभियान से दूर , चर्चा का बाजार गर्म

    2018 के विधान सभा चुनाव में साठ हजार की वोट से चुनाव जीत का रिकार्ड बनाने वाले बघेल सरकार मंत्री मंडल के ताकतवर मंत्री मोहमद अकबर भाई चुनाव प्रचार अभियान से दूर हो रहे हैं जो कबीरधाम जिले में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है साथ ही उनका लोकप्रियता के चलते पांच साल में हजारों लोगो ने कांग्रेस का दामन था लेकिन आज की स्थिति में उनके लोकप्रियता को लेकर लोग बड़े कवायद लगा रहे हैं आखिर चुनाव प्रचार अभियान से दूर भाग रहे आखिर क्यों

    चुनाव प्रचार से कार्यकर्ता बना रहें है दूरी

    लोकसभा चुनाव के मतदान की तारिक नजदीक आ रहा है और कार्यकर्ता चुनाव प्रचार को लेकर मतदाताओं के पास नही जा रहे हैं। जो काफी चर्चा में हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पार्टी के उम्मीदवार है और कार्यकर्ताओ में उत्साह कम दिखाई देता है। उसका वजह आखिर क्या हो सकता है।

    वनांचल में कांग्रेस का हालत कमजोर

    आदिवासी मतदाताओं को रिझाने में कांग्रेस ने बहुत जोर दिया था और मोहम्मद अकबर भाई सबसे ज्यादा वनांचल का ही दौरा करते थे। 2018 में सभी बूथों में बढ़त बनाए थे और जीत का रिकार्ड बनाने में कामयाब हुए थे लेकिन विधान सभा चुनाव 2023 में साठ हजार की गड्ढा को पार करते हुए चालीस हजार से और हार गए वो भी एक रिकार्ड है ।

    कांग्रेस के बड़े चेहरा  चुनाव से गायब

    बघेल सरकार के कार्यकाल में कबीरधाम जिले में मंत्री जी के करीबी रहे सभी बड़े चेहरा आज मैदान में दिखाई नही दे रहे हैं। आखिर ये बड़े चेहरा के नेता पांच साल तक खूब मलाई खाए और आज जब उनकी जरूरत लोकसभा उम्मीदवार, पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी को है तो आखिर एकाएक गायब हो गए। चर्चा में है कि इन बड़े नेताओं का उपयोग पार्टी नही कर रहे हैं या इन लोग पार्टी से दूरी बनाए रखे हैं ।

    चुनाव में भुपेश बघेल की नैया कैसे होगी पर

    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नैया को पार लगाने वाले कार्यकर्ता क्षेत्र से बाहर दिखाई देते और कबीरधाम जिले के जागरूक मतदाता शांत दिखाई दे रहे हैं। तो कांग्रेस की चुनावी नैया डूबती दिखाई दे रहा है।

    मुख्यमंत्री रहते जनता से दूर रहे भूपेश बघेल

    भूपेश बघेल जब छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रहे तो कबीरधाम जिला से दूरी बनाए रखा । जून 2022 में एक दौरा बनाए जिसमे कवर्धा के बस स्टैड और पौनी पसारी योजना के तहत बनाए गए चबूतरा का लोकार्पण किया था । जिसकी लगता लाखो रुपए में था लेकिन आज उसकी उपयोगिता कौड़ी भर का नही है । जिसके चलते लोगो में आक्रोश है । उसका नतीजा मतदान में कांग्रेस को दिखाई देगा । चुनावी चर्चा का बाजार गर्म है।

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