कवर्धा. पंचायती राज सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल ने राजीव गांधी जी के सपनों को साकार करते हुए चुने हुए पंचायत प्रतिनिधि के अधिकार को सशक्त करने का न केवल पहल किया है बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य में लागू कर पंचायत प्रतिनिधियों का सम्मान तो बढ़ाया ही है साथ ही आम लोगो की विश्वाश को पंचायती राज में बढ़ाया हैं। उक्त आशय की जानकारी देते हुए जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सीमा अनंत ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पंचायत मंत्री श्री टी एस सिहदेव, माननीय मोहम्मद अकबर जी एवम सभी मंत्रिमंडल के सम्मानित सदस्यों को धन्यवाद देते हुए बताया कि कांग्रेस ही एक मात्र ऐसी पार्टी ह जो पंचायती राज्य को सशक्त करने का प्रयास किया है जिसका प्रतिफल स्थानीय स्वशासन के माध्यम से गांव का सर्वांगीण विकास होगा। विगत लंबे समय से पंचायत प्रतिनिधियों के लंबित मांगो को कांग्रेस की सरकार ने सुनी एक ओर विगत 15 वर्षों तक भाजपा के सत्तासीन सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ केवल छल किया, आने वाला समय में भूपेश की सरकार से किसान के साथ साथ पंचायती राज भी सासक्त होगी जिसका प्रतिफल आम लोगों को भी मिलेगा। श्रीमती सीमा अनंत ने आज पंचायती राज सम्मेलन मे माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा को विस्तार से बताया जो इस प्रकार है सरपंच साथियो के लिए नया संसोधन 108 जल्द लागू होगा 50 लाख तक के काम करने की मंजूर.. सरपंचों का मानदेय 2 हजार की जगह अब से 4 हजार दिया जाएगा जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष को छत्तीसगढ़ शासन एवं पंचायत शासन के लिए … राज्य सरकार की योजनाओं की नोटशीट प्रस्तुत की जाएगी जिला पंचायत अध्यक्ष 15 लाख , उपाध्यक्ष 10 लाख और सदस्यों को 2 लाख रुपये के वित्ति अधिकार … जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के गोपनीय प्रतिवेदन को अध्यक्ष कलेक्टर के सामने अपना अभिमत प्रस्तुत कर सकेगा जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद अध्यक्षो को नई गाड़ी दी जाएगी पंचायतों के पंच को 200 की जगह 500 रुपए मानदेय दिया जाएगा जिला पंचायतों के अध्यक्षो का मानदेय 15 से 25 हजार दिया जाएगा. जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय 6 से 10 हजार… Spread the love Post navigation दिल्ली प्रवास के दौरान टिकरी बॉर्डर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा हर्षा साहू अंतरराष्ट्रीय कराते खिलाड़ी के द्वारा वनांचल क्षेत्र के छात्र-छात्राओं एवं ग्राम वासियों को आत्मरक्षा के पैतरे सिखा कर आत्मनिर्भर बनाया गया।