: ढलती शाम ना करें कभी ये काम, चली जाती है घर से बरकत
 शाम में न करें ये काम, धन और उम्र दोनों होते हैं कम
: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सनातन धर्म में हर चीज के नियम बनाए हैं। इन नियमों के आधार पर इंसान अपने भाग्य और आयु को बढ़ाता-घटाता रहता है। शास्त्रों में बताया गया है कि सही समय पर किया गया सही कार्य से हमेशा ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है और धन संपदा के मालिक बनते हैं। लेकिन जाने अनजाने में हम ऐसे कई कार्य करते हैं, जिसके प्रभाव के बारे में बाद में जानकारी मिलती है। जिससे कष्ट और समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिनको शाम के समय में भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इससे ना सिर्फ आपकी आयु पर प्रभाव पड़ता है बल्कि धन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं उन कार्यों के बारे में जिनको शाम के समय करने की मनाही है…
: धन के साथ स्वास्थ्य पर भी पड़ता है असर
 ज्योतिष शास्त्र के अनुसरा, शाम के समय पति-पत्नी को विवाद करने से बचना चाहिए। पितृपक्ष में तो यह गलती बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस समय परलोक से पितर आते हैं और यह देखकर दुखी होते हैं। शाम के समय घर में रोना और कलह करना अपशगुन माना गया है। ऐसा करने से दरिद्रता घर आती है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। साथ ही कई परेशानियां और धन की हानि होती है। इसलिए शाम के समय घर का माहौल हंसी-खुशी वाला होना चाहिए।
 माना जाता है अपशगुन
 सूर्यास्त के बाद धन के लेन-देन से बचें। शाम के समय ना किसी से उधार लें और ना ही दें। ऐसा करने से घर में बरकत नहीं होती है। धन से संबंधित जितने भी कार्य हैं, उसे हमेशा सुबह करना चाहिए। शाम के वक्त धन का लेन देन नहीं करना चाहिए, इसे अपशगुन माना गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस समय धन का लेन-देन करता है, उससे घर से देवी लक्ष्मी चली जाती हैं।
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संध्याकाल के समय भोजन करने से भी बचना चाहिए। महाभारत के अनुशासन पर्व में बताया गया है कि शाम के समय भोजन करने से उम्र घटती है। साथ ही स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ता है। क्योंकि इस समय भोजन करने से इसका सीधा प्रभाव मन और मस्तिष्क के साथ पाचन क्रिया पर भी पड़ता है। शास्त्रों में बताया गया है शाम के समय भोजन करने से धन का नाश होता है और शरीर में कई रोग जन्म लेते हैं
 दरिद्रता का होता है वास
 शास्त्रों में बताया है कि शाम के समय किसी को भी सुई नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा चली जाती है और दरिद्रता का वास हो जाता है। सुई देने से घर के सदस्यों के बीच प्रेम भाव खत्म हो जाता है और कलह का वातावारण बनता है।
 के समय लहसुन प्याज देने से भी बचना चाहिए। अगर जरूरत है तो बाजार से खरीद लाएं या फिर सुबह के समय इन चीजों को दे दें लेकिन शाम के समय ऐसा नहीं करना चाहिए। शाम के समय घर से इन चीजों को निकालना अशुभ माना गया है। ऐसा करने से घर की बरकत चली जाती है और आर्थिक स्थिति भी खराब हो सकती है।
 अशुभ होता है इस समय बच्चों को रोना
: के समय बच्चों को रुलाना नहीं चाहिए, ऐसा करना अशुभ माना गया है। शाम का समय पूजा-पाठ और ध्यान का होता है ऐसा बच्चों का रोना दरिद्रता लाता है। ऐसा करने से ग्रहदशा भी प्रभावित होती है। साथ ही घर के सदस्यों के बीच तनाव पैदा होता है और धन का नुकसान झेलना पड़ता है।

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