भावुक करता दृश्य !! भारत के सर्वोच्च पद पर आसीन महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने अपने स्कूली गुरुओं के जिस आस्था से पैर छुए हैं वो अनुरकणीय है ! इंसान कभी पद से बड़ा नहीं होता। इंसान हमेशा अपने आचरण व संस्कार से बड़ा होता है। हर विद्यार्थी के लिये प्रेरक, स्मरणीय व अनुकरणीय !! https://kabirkranti-in.stackstaging.comwp-content/uploads/2020/07/VID-20200707-WA0007.mp4 दरअसल, कल सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने शहर कानपुर आए तो वे छात्र जीवन की यादों में खो गए। यहाँ आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने शिक्षकों को सम्मानित किया। वे अपने गुरुओं को देखकर भाव-विभोर हो गए। वे उनका आशीर्वाद लेने के लिए इतने आतुर दिखे कि उन्हें प्रोटोकॉल का भी ध्यान नहीं रहा। वे तुरंत मंच से उतरे और अपने गुरुजियों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह देख वहाँ उपस्थित सभी लोग अभिभूत हो गए। राष्ट्रपति के स्कूली जीवन में उनके शिक्षक रहे प्यारेलालजी, जो १०० वर्ष पूरे कर चुके हैं, को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति स्वयं मंच से नीचे उतरकर पहुँचे। राष्ट्रपति ने सर्वप्रथम प्यारेलालजी के पैर छुए और पूछा, “गुरु जी… आप मुझे भूले तो नहीं हैं।” कोटि कोटि वंदन, कोटि कोटि अभिनन्दन राष्ट्रपति जी !! Spread the love Post navigation रिक्शा चालक का बेटा बना IAS,कभी फीस भरने के लिए बना था वेटर | ,w w E इतिहास के तीन सबसे बड़े सुपरस्टार, जिनकी जगह शायद कोई नहीं ले पाएगा