सोचा था चुप रहूंगा लेकिन अन्याय के खिलाफ ना बोलना भी अन्याय को बढ़ावा देना है :-सलीम हिंगोरा कवर्धा,,व्यापारियों को इस लॉक डाउन में राहत पैकेज देना चाहिए था, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उनकी कमर तोड़ने का काम किया जा रहा है। सभी छोटे व्यापारी अपना व्यापार बंद करके घर पर बैठे हैं अपने शहर जिले गांव देश का और कोरोना से लड़ने का कदम से कदम मिलाकर साथ दे रहे हैं लेकिन 20 तारीख से जो ऑनलाइन विदेशी कंपनी देश में व्यापार करेंगे तो हम सभी इस अन्याय का विरोध करते हैं। ये व्यापार आपके लिए…. *➡ये समाज सेवा भी करें❓* *➡ये राहत कोष में दान भी दें❓* *➡ये किराया भी माफ करें❓* *➡ये कर्मचारी को तनखा भी दें❓* *➡ये कर का भुगतान भी करे❓* *और हमारे देश में व्यापार विदेशी कंपनियां करें ❓* *हम सभी को इस अन्याय का पुरजोर विरोध करना चाहिए… ऑनलाइन व्यापार के लिए जब छोटे व्यापारी ऑनलाइन सेवाएं देने को सदैव तैयार है तो सरकार इस पर विचार करें …!!* *निवेदन है सरकार इन व्यापारियों की आवाज़ सुने और अमल में लावे* Spread the love Post navigation कलेक्टर ने राहत शिविर और कबीरधाम की सीमा क्षेत्र चिल्फी चेक पोस्ट का औचक निरीक्षण किया चिल्फी राहत शिविर में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिले के मेडिकल स्टूटेंट को कोरेन्टाईन में रखा गया मजदूरों के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार का कोई ध्यान नहीं