शहरी झुग्गीवासियों को राज्य सरकार की बड़ी सौगातः

राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत कबीरधााम जिले के सभी नगरीय निकायों के पात्र हितग्राहियों को मिलेगा पट्टा

कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सर्वें के लिए वार्ड वार तीन विभागों की संयुक्त टीम बनाई

वार्डवार सर्वें का काम शुरू,

शहरी आवासहीन निर्धन व्यक्तियों का सर्वे होगा 30 अक्टूबर तक

कवर्धा, । छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश के सभी शहरी आवासहीन निर्धन व्यक्तियों के स्थाई व्यवस्थापन के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। राज्य सरकार द्वारा राजीव गांधी आश्रय योजना की अवधि को बढ़ाकर अब 19 नवम्बर 2018 निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार की इस महत्वांक्षी राजीव गांधी आश्रय योजना का लाभ कबीरधाम जिले के सभी छहः नगरीय निकाय कवर्धा नगरपालिका और बोड़ला,पंडरिया, सहसपुर लोहारा, पांडातराई और पिपरिया नगर पंचायत क्षेत्र में निवासरत झुग्गीवासियों और

नजूल भूमि में काबिल लोग जिनके पास आवास का स्थाई पट्टा नहीं है, उन्हें स्थाई पट्टा दिया जाएगा। योजना के तहत नयी झुग्गीयों के निर्माण को रोकने की दृष्टि से आवासहीन शहरी गरीबों के लिए सस्ती दरों पर आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य शासन के मंशानुरूप कबीरधाम जिले के सभी नगरीय निकायों में वार्डवार सर्वें का काम प्रकिया में है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण के निर्देशानुसार जिले के सभी नगरीय निकायों में वार्डवार सर्वें के लिए राजस्व,नजूल और संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम बनाकर सर्वें कराया जा रहा हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जिले सभी सभी नगरीय निकायों में जो नजूल की जमीन पर निवासरत सभी पात्र हितग्राहियों राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टा प्रदान किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने निर्देश पर राजीव गांधी आश्रय योजना के क्रियान्वयन के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन रायपुर से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर दिया गया है। परिपत्र के अनुसार नगरीय क्षेत्रों में प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति झुग्गीवासियों का सर्वेक्षण और पात्र झुग्गीवासियों को स्थाई एवं अस्थाई पट्टा वितरण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं। विस्तारित योजना के तहत 19 नवम्बर 2018 को शहरी क्षेत्रों में शासकीय नजूल, स्थानीय निकाय, विकास प्राधिकरण की भूमि में निवास वाले आवासहीनों को ऐसी अधिभोग की भूमि के पट्टे की पात्रता होगी जिनका इस पते का राशन कार्ड बना हुआ हो। राशन कार्ड नहीं होने पर अन्य प्रमाणिक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन के बाद पट्टा प्रदान किया जाएगा।
राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत सामान्यतः झुुग्गीवासी व्यक्ति को 450 वर्ग फुट की भूमि का पट्टा प्राप्त करने की पात्रता होगी। 450 वर्गफुट से अधिक भूमि होने की स्थिति में नगर पंचायत क्षेत्रों में 1000 वर्गफुट, नगर पालिका क्षेत्रों में 800 वर्गफुट, रायपुर छोड़कर अन्य नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 700 वर्गफुट क्षेत्रफल तक पट्टा प्रदान किया जा सकेगा। झुग्गीवासी भूमिहीन व्यक्ति से पट्टे के लिए कोई प्रब्याजी या भू-भाटक नहीं लिया जाएगा। पट्टा सीधे शासकीय अमले के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। यदि कोई झुग्गीवासी किराएदार के रूप में निवास कर रहा है तब भी पट्टे की पात्रता उसे ही होगी। किसी भी परिस्थिति में झुग्गी के मालिक (जिसने किराए पर झुग्गी दे रखी है) को पट्टा नहीं दिया जाएगा। पट्टे में परिवार की बालिग महिला सदस्यों का नाम सम्मिलित होगा। यथासंभव झुग्गीवासियों को उसी स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा परन्तु यदि व्यापक जनहित में झुग्गीयों को अन्यत्र स्थानांतरण किया जाना आवश्यक होगा तब यह निर्णय संबंधित उच्च स्तरीय समिति द्वारा लिया जाएगा। झुग्गीयों के अन्यत्र स्थानांतरण का निर्णय लेने से पूर्व समिति द्वरा झुग्गीवासियों को यथोचित सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा एवं विभिन्न तथ्यों का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिया जाकर झुग्गीवासियों को जहां स्थानांतरित किया जाएगा, उस भूमि का पट्टा दिया जाएगा।

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