: जिले के तीन ग्राम पंचायत गुड गवर्नेंस में होंगे रोल मॉडल कवर्धा, । जनपद पंचायत कवर्धा के ग्राम पंचायत बिरकोना, जनपद पंचायत बोड़ला से भरेली और जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा से ग्राम पंचायत बिड़ोरा का चयन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत गुड गवर्नेंस इनिशियेटीव मॉडल ग्राम पंचायत के लिए हुआ है। राज्य सरकार ने मनरेगा योजना में और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सभी दस्तावेजों को चरणबद्ध तरीके से संधारित किया जाएगा, जो आम जनता के लिए सहज उपलब्ध होगा। मॉॅडल ग्राम पंचायतों मे पांच चरणों में गुड गवर्नेंस का कार्य संपादित होगा, जिसमें जॉब कार्ड, सात प्रकार के पंजी, वर्क फाईल और नागरिक सूचना पटल को आर्दश स्वरूप में करने की योजना है। जिला पंचायत कबीरधाम के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश चन्द्र ने बताया कि गुड गवर्नेंस पंचायत के लिए संबंधित तकनीकी सहायक अथवा उप अभियंता नोडल अधिकारी होंगें। नोडल अधिकारी ग्राम रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिवों को मार्गदर्शन देंगे। इसके साथ ही ग्राम रोजगार सहायकों एवं सचिवों को प्रशिक्षण जिला स्तर पर दिया जाएगा। श्री महेश चन्द्र ने आगे बताया की भारत सरकार द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता में रखा गया है, जिससे की पूरे देश में मनरेगा योजना के तहत दस्तावेजों में समानता हो और पारदर्शीता बढ़े। मनरेगा योजना से वर्ष 2018-19 से अब तक पूर्ण हो रहें समस्त निर्माण कार्यों का वर्क फाईल, पंजी एवं नागरिक सूचना पटल को बनाया जाना है। राज्य स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा की जायेगी, क्योंकि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में यह कार्य हो रहा है। मुख्य रूप से ग्राम पंचायत कार्यालय में उक्त सभी दस्तावेज सुव्यवस्थित रखा जाए तथा निर्माण कार्य का सूचना बोर्ड भी पुर्ण रूप से भरा हो जिसस की : कोई भी आमजनों को जानकारी सहज ही उपलब्ध हो। जनपद पंचायत स्तर से कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियमित पर्यवेक्षण करेंगे। ग्राम पंचायत बिरकोना, भरेली और बिडोरा जिले के दूसरी पंचायतों के लिए रोल मॉडल होंगे क्योंकि दूसरे जगह के मैदानी अमले इन पंचायतों का भ्रमण कर गुड गवर्नेंस की महत्ता को समझेंगे और इसे अपने गांव में भी इसे लागू करेंगे। इसके साथ ही रोल मॉडल पंचायत के सचिव दूसरे ग्राम पंचायत में जाकर अपने अनुभवों को बाटेंगे। Spread the love Post navigation “भाजयुमो के आंदोलन को लेकर ग्रामीणों द्वारा मिल रहा समर्थन” कुत्ते के काटने से, रेबीज होता है, समय पर टिके लगवाए, एक बार ,अगर बीमारी दिमाग में पहुंची तो कोई नहीं बचा सकता 100% मरना तय है