कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज समीक्षा की

कवर्धा,  कलेक्टर  अवनीश कुमार शरण ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को विभागीय काम-काज के अलावा जिले के बैगा, आदिवासी बाहूल बोड़ला, पंडरिया विकासखण्ड तथा मैदानी विकासखण्ड कवर्धा तथा सहसपुर लोहारा क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण कार्यक्रमों सतत् मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि नए शिक्षा सत्र में जिले के सुदूर एवं दूर्गम वनांचलों के साथ-साथ जिले के आखिरी छोर में स्थित ग्राम पंचायतों में संचालित स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण पर आधारित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का औचक निरीक्षण कर

स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने नए शिक्षा सत्र वर्ष 2019-20 में शिक्षा गुणवत्ता अभियान को शुरू से ही प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए शैक्षणिक संस्थानों स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों और आश्रम छात्रावासों का सतत् निरीक्षण करने के लिए राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के बोडला और पंड़रिया विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्रों के 38 गांवों को बरसात के दिनों में पानी से होने वाले जल जनित मौसमी और संक्रामक बीमारियों के लिए चिन्हांकित किया गया है। चिन्हांकित ग्राम पंचायतों तथा उनके आश्रिम गांवों, मलरा-टोले में

स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों को सतत स्वास्थ्य परीक्षण करने एवं निदान कर स्वास्थ्य लाभ देने सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।
कलेक्टर श्री शरण ने राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए विगत 27 मई को आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद हुई प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की। हालांकि उन्होने सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने तहसीलदारों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नए शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद स्कूली बच्चां के आय, जाति तथा निवास प्रमाण पत्रांं की मांग शैक्षणिक संस्थानों द्वारा की जाती है, इसके लिए बेहतर कार्य योजना तैयार कर स्कूली बच्चों तथा उनके अभिभावकों को सहजता से प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। जरूरत के आधार पर बड़े ग्राम पंचायातों में इसके लिए शिविर भी लगा सकते है।
कलेक्टर श्री शरण ने बैठक में

राजस्व न्यायालयों में लंबित नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण आदि प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर राजस्व अमले में कमी नहीं है, इसलिये प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ने अनुभागवार भू-अर्जन की समीक्षा की तथा सिंचाई परियोजनाओं एवं विकास कार्यो से संबंधित भू-अर्जन के प्रकरणों को प्राथमिकता से पूरा करने कहा। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को काम-काज में कसावट लाने तथा राजस्व अभिलेखों का बेहतर संधारण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्वास्थ्य केन्द्रों का भी निरीक्षण करने को कहा। बैठक में अपर कलेक्र कलेक्टर  जेके धु्रव, कवर्धा एसडीएम  विपुल गुप्ता, बोडला एसडीएम  विनय सोनी, डिप्टी कलेक्टर  एस.एस सोम, एवं समस्त तहसीलदार, नायब तहसीदार एवं खनिज अधिकारी उपस्थित थे।

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