राजनंदगाव /विशेष सत्र न्यायाधीश अम्बिकापुर के एक आदेश है इस आदेश में अभिषेक पिता डॉ. रमन सिंह,नरेश डाकलिया पूर्व महापौर राजनांदगांव और मधुसूदन यादव पूर्व सांसद राजनांदगांव के नाम हैं।कुल 20 अभियुक्तों में अभिषेक सिंह पूर्व सांसद का नाम 18 वें नम्बर पर है।विधानसभा चुनाव से पहले राजीव भवन में कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि राज्य में मन्त्री,नेता और चिट फंड कंपनियों ने मिलकर लूटा है।राज्य में सरकार बदली तो पीएसीएल कम्पनी बाकायदा अखबारों में विज्ञापन देकर निवेशकों के रुपयों को लौटाने की कोशिश में लगा दिख रहा है।ताज़ा फैसले के मुताबिक,अदालत ने धारा 156(3)पर संगीता सोनी अधिवक्ता को सुना।और परिशीलन के बाद यह पाया कि अनमोल इंडिया कम्पनी,का हेड ऑफिस भायंदर वेस्ट ठाणे में है।

इस कम्पनी की छत्तीसगढ़ में कई शाखा ऑफिस है।कम्पनी के डायरेक्टर,कोर समिति के सदस्य तथा अन्य स्टार प्रचारकों ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि यह कम्पनी सही है और सुरक्षित है।अदालत ने यह पाया है कि सेबी के अपीलेट ट्रिब्यूनल तथा माननीय, सुप्रीम कोर्ट द्वारा कम्पनी को बंद करने आदेश उपरांत भी राज्य के अधिकारी गण जो शासन के पदों पर कार्यरत हैं उन्होंने अपने पदों का दुरुपयोग किया और अनमोल इंडिया कम्पनी को क्लीन चिट दी।निवेशक ने जिले के एसपी समेत जिम्मेदारों से गुहार लगाई। लेकिन,चूंकि कंपनी में सीएम पुत्रअभिषेक सिंह (पूर्व ) सांसद और पूर्व महापौर जैसे लोग शामिल थे।इसलिए पुलिस ने एफआईआर तक नहीं लिखी।निवेशक ने दस हजार निवेश किया था।माननीय अदालत ने आवेदक(निवेशक)की ओर से अधिवक्ता संगीता सोनी को सुना और परिशीलन में पाया कि छल पूर्वक निवेश कराया गया।

जो धारा -10 छत्तीसगढ़ निवेशकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 सह पठित धारा 3, 4, 6 पुरुस्कार चिट्स और धन परिचालन योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 1978,धारा -3,4 अर्धशोधन निवारण 2002 एवम सह पठित धारा 420,406 467 468 471 120 बी 384 IPC के तहत दंडनीय अपराध है।परिशीलन में विशेष न्यायाधीश बीपी वर्मा ने यह भी कहा है कि पर्याप्त आधार होकर भी अन्वेषण की आवश्यकता प्रकट होती है।प्रकरण में समस्त प्रस्थितियो को दृष्टिगत रखते हुए थाना लुंड्रा अन्वेषण करके अंतिम प्रतिवेदन पेश करे। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में विगत 15 वर्षों के भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार के कार्यकाल में समूचे प्रदेश के हर जिलों ,ब्लाकों व ग्रामीण क्षेत्रों में चिट फंड कंपनियों ने प्रदेश की भोलीभाली जनता को दिनदहाड़े खूब लूटा, लोग लूटते गये प्रशासन लंबे समय तक कुम्भकर्णीय नीद में सोता रहा ,

जब कंपनियों ने निवेशकों को पूरा निचोड़ लिया,और लूटने के लिए कुछ बचा नही तब कही राजनंदगाव में कार्यवाही की गई थी, सरकार व प्रशासन का सहयोग इस हद तक था कि बाकायदा उन फर्जी चिट फंड व नॉन बैंकिंग कंपनियों को सरकार के रोजगार मेलों में निमंत्रण देकर उन फर्जी कंपनियों का स्टॉल भी लगायागया है, राजनंदगाव के कौरिन भाठा स्थित ग्रीनहाइट्स बिल्डिंग में संचालित एक सनशाइन नाम की फर्जी कंपनी का बाकायदा उदघाटन समारोह भी अम्बिकापुर कोर्ट मामले में आरोपी बनाये गए राजनंदगाव के एक जनप्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में हुआ,वी रिलैटिस,यालको,सांईप्रसाद,सुख साईं, जैसे अनेको कंपनियों ने राजनंदगाव में ही नही समूचे प्रदेश को कंगाल किया और आज भी अनेको फर्जी कंपनियां अपने नये नये अंदाज में लूट रही हैं,। अम्बिकापुर का मामला चाहे आगे न्यायालय में कितने दिनों तक टिकता है ये तो फैसले के बाद ही पता चलेगा पर गरीबों के आँसू बडे बडे सूरमाओं को भी जमीदोंज कर देते हैं।
*दीपंकर खोब्रागढे*

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