पारंपरिक खेलों से ग्रामीणों में हुआ नए उत्साह का संचार_ सीमा
कवर्धा,,छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को तवज्जो देने ,ग्रामीणों में खेलों के प्रति जागरूकता लाने वह छुपी हुई प्रतिभा को उभारने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बहुत ही महत्व पूर्ण छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ किया गया है इसी के अंतर्गत ग्राम बरहट्टी में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत खो-खो ,कबड्डी, गिल्ली डंडा , रस्साखिंच, लगडी दौड़ व अन्य खेल काआयोजन किया गया
आयोजक की मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा आनंद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने संबोधित करते हुए कहा छत्तीसगढ़ सरकार की सभी योजनाएं जन भावनाओं के अनुकूल व छत्तीसगढ़ परंपरा रीति-रिवाजों के अनुसार है पारंपरिक खेलों से ग्रामीणों में एक नए उत्साह और एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है यही छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा है मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति व परम्परा को संरक्षित करने प्रणबद्घ है कार्यक्रम में की अध्यक्षता सरपंच राजकुमार धुर्वे द्वारा किया गया साथ ही उपसरपंच इद्रमन पटेल व पंच गण , ग्राम पंचायत सचिव चंद्रवंशी जी , प्राचार्य साहू जी सभी शिक्षक बर हट्टी,सेवई कछार, अमराउड़ी के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे कार्यक्रम का आयोजन राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से किया गया है जिसके अध्यक्ष पवन बंजारे हैं

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🚩 हनुमान मंदिर में पहुंचा वानर राज, प्रसाद ग्रहण कर प्रतिमा के सामने झुका सिर; श्रद्धालुओं ने कहा—अद्भुत है यह आस्था! कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़ देखिये, संपादक डी.एन. योगी की रिपोर्ट कवर्धा। वार्ड नंबर 9 स्थित कैलाश केदारनाथ मंदिर परिसर में रविवार शाम आस्था से जुड़ा एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मंदिर परिसर में वटवृक्ष के नीचे स्थित हनुमान मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाते हैं। बताया जाता है कि एक वानर भी अक्सर यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करता है। 23 अगस्त 2026 की शाम करीब 6 बजे एक महिला द्वारा हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाए जाने के दौरान वानर मंदिर के पास पहुंच गया। उसने प्रसाद ग्रहण किया और कुछ देर हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठा रहा। तस्वीरों में उसका सिर प्रतिमा की ओर झुका हुआ नजर आ रहा है, जिसे श्रद्धालु हनुमान जी को प्रणाम करने जैसा भावपूर्ण दृश्य मान रहे हैं। इस पूरे दृश्य को मौके पर मौजूद डी.एन. योगी एवं संतोष नामदेव ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। देखते ही देखते यह दृश्य श्रद्धा और कौतूहल का विषय बन गया। इसी परिसर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के साथ महिलाओं की टीम द्वारा भजन-कीर्तन भी किया जाता है। मंदिर परिसर का यह शांत और भक्तिमय वातावरण इस अनोखे दृश्य के कारण और भी विशेष बन गया।  श्रद्धालुओं की आस्था है—वानर को बजरंगबली का स्वरूप माना जाता है। वहीं तस्वीरों में कैद यह दृश्य निश्चित रूप से लोगों के लिए भावनात्मक और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 🚩 जय श्री राम… जय बजरंगबली… हर हर महादेव! 🚩  फोटो: डी.एन. योगी एवं संतोष नामदेव  संपादक — डी.एन. योगी कबीर क्रांति ब्रेकिंग न्यूज़