,छत्रपाल सिंह ठाकुर डी एन योगी कबीर क्रांति कवर्धा ,,,आज शहर और गांव को देख कर कंही से नही लगता कि छत्तीसगढ़ के लोगों को कोरोना से डर लगता है जिस कोरोना को वर्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने महामारी घोषित किया है जिसने पूरे विश्व में मौत का तांडव मचा रखा है कोरोना के चलते बीते दो महीनों से पूरा जीवन अस्त ब्यस्त रहा शासन ने पूरी कड़ाई से लॉक डाउन के नियमोका लोगों से पालन कराया और लोगों ने पालन किया लोगोँ के मन में एक भय ब्याप्त था शायद इसी लिए छत्तीसगढ़ कोरोना मुक्त प्रदेश था लोगों को धारा 144,के मायने पता था एसे विकट परिस्थिति में पब्लिक,,प्रशासन,दोनो को अपना हद मालूम था सभीने देखा है लेकिन आवश्यकता अनुरूप जैसे ही शासन ने ब्यापरिक संस्थाओं को अनुमति दी है। बाजार में रवनक लौट आई खरीददारों की भीड़ देख कर लगता ही नही की हम महामारी का सामना कर रहे हैं यह भी समझ में नही आता कि प्रदेश में ,144,धारा लागू है शोसल डस्टेन्स,और मास्क के क्या मायने है : सोमवार,से शुक्रवार तक जनता के द्वारा सारे नियमो को ताक में धर दिया जाता है लेकिन शनिवार,रविवार, दो दिन शहरों में सन्नाटा पसर जाता है इन दो दिनों में लगता है कि हम कितनी संजीदगी से इस। महामारी से निपट रहे है या निपटने का नाटक कर रहे हैं ये समझ में ही नही आता कि हम किस दिशा की ओर जा रहे हैं आस्चर्य की बात है ज्यों ज्यों छत्तीसगढ़ में कोरोना पाजेटिव की संख्या बढ़ रही है छत्तीसगढ़ के लोग ज्यादा निडर दिखाई दे रहे हैं सात दिनों में पब्लिक ,और प्रशासन के दो भ्रामक चेहरे दिखाई देते हैं,,इसे क्या समझा जाय,,छत्रपाल सिंह ठाकुर ,डी एन योगी एडीटर इन चीफ कबीर क्रांति कवर्धा ,समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें,9425558295 ,,, Spread the love Post navigation झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं को पार्टी हमेशा याद रखेेगा-नीलू चंद्रवंशी कांग्रेस जनों ने (सोसल डिस्टेंस का पालन पालन करते हुए )सभा का आयोजन कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि इन माता जी को ये पता नहीं है, कि कहा से आई है और कहा जाना है,?