,छत्रपाल सिंह ठाकुर

डी एन योगी कबीर क्रांति,कवर्धा,कोरोना महामारी के विषम परिस्थिति में भारत सरकार अपने देश वासियों के सुरक्षा के लिये कटिबद्ध है उचित सहायता हेतु राज्य सरकारों से मिलकर जनहित में निर्णय भी लिया जा रहा है फिलहाल शासन प्रशासन का ध्यान पूरी तरह रोज कमाने खाने वाले मजदूरों पर केंद्रित है जो मजदूर एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश गए हैं उन्हें उनके गांव वापस लाने में राज्य सरकार केंद्र सरकार की मदद से पूरा जोर लगा रही है सिर्फ मजदूरों के लिए ट्रेन चलाई जा रही है देखने से सब कुछ सही लग रहा है बरिकी से अगर सोचा जाय तो ये तो नही की कहीं सरकार से कोई चूक हो रही है हम छत्तीसगढ़ की बात करते हैं छत्तीसगढ़ लगभग कोरोना मुक्त था मुश्किल से 5,,या 6,,कोरोना पोजेटिव मिले थे वो भी आर्थिक रूप से सम्पन्न लोग थे जो दूसरे प्रदेश से या विदेश से आये थे अभी एसा नही लगता कि मजदूरों के आने के बाद कोरोना पाजेटिव की संख्या बढ़ी है
अगर इन मजदूरों को जहां ये काम करने गए थे वही इनको आर्थिक सहायता एवम रहने की ब्यवस्था कर दी जाती तो परिस्थिति क्या बनती आखिर हैं तो भारतीय मेरा अपना विचार है सरकार का निर्णय मजदूरों के हित में जो लिया गया है उस पर और विचार करना था क्यों कि जिन मजदूरों को उनके गांव भेजा जा रहा है वो कितना सोसल डस्टेन्स ,मास्क, सेनेटाइजर का पालन और उपयोग कर रहे हैं स्पस्ट देखा जा सकता है kvarentain सेंटर में रहने वाले मजदूर क्या पूरी ब्यवस्था के बाद प्रशासन के नियमो का पालन कर रहे है या फिर एसे ही चल रहा है
 कोरोना से लड़ने की जिम्मेदारी हम सब की है चाहे हम किसी भी वर्ग के हों क्यों कि प्रशासन एक समय में सब पर निगाह नही रख सकती शासन,प्रशासन अपना कर्म बखूबी कर रही है जब तक हम स्वयं अपनी सुरक्षा नही करेंगे इस महामारी का सामना करना असंभव होगा

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