सुराजी योजना से कबीरधाम जिले में बनेंगे 25 और नए गौठान

संबंधित ग्राम पंचायतों और गौ पालकों में खुशी

कवर्धा,  जिला कबीरधाम में सुराजी गांव योजना के अंतर्गत संचालित नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रथम चरण पूरा करने के बाद जिले के 25 ग्राम पंचायतों में नवीन गौठान निर्माण कार्य की स्वीकृति जिला पंचायत ने दी है। इसी का नतीजा है की सी.पी.टी., डब्लु.ए.टी. जैसे कार्य दिखने लगे है। कवर्धा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत धनौरा, धमकी, गुड़ा, भागुटोला एवं मैनपुरी में निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है। विकासखण्ड बोड़ला के ग्राम पंचातय रंहगी, नगवाही, तरेगांव मैदान, राली, खम्हरीया, छितपुरीकला, बोदा 47 एवं छाटा में स्वीकृत किया गया है। विकासखण्ड स.लोहारा के ग्राम पंचायत बनीया, रणविरपुर, गोरखपुरखुर्द, सुरजपुरा जंगल, एवं बगदई में स्वीकृत हुआ है। विकासखण्ड पण्डरिया के ओडाडबरी, कुकदुर, चतरी, माठपुर, नानापुरी एवं बदना में भी नया गौठान निर्माण स्वीकृत किया गया है। स्वीकृति मिलते ही गौठान निर्माण का कार्य मैदानी अमलो ने प्रारंभ कर दिया है। संबंधित ग्राम पंचायतों और गौ-पालकों में गौठान निर्माण की स्वीकृति मिलने पर खुशी देखी जा रही है।
जिला पंचायत सीईओ श्री कुन्दन कुमार ने बताया की राज्य शासन की मंशा अनुरूप सुराजी गांव योजना के तहत गौठान निर्माण का कार्य सतत् प्रगतिशील है। प्रथम चरण में 74 गौठानों का निर्माण कर लोकार्पण हो गया है। गौठान में पशुधन के लिए चारा और पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध है। श्री कुन्दन कुमार ने आगे बताया की विकासक्रम को आगे बढ़ाते हुए दूसरे चरण के लिए 231.29 लाख रूपए की लागत से 25 नए गौठानों की स्वीकृति दी गई है, जो की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, रूर्बन योजना, 14वे वित्त योजना, गौण खनिज और प्राधिकरण योजना को मिलाकर किया जाएगा। इस कार्य से ग्रामीणों को उनके गांव में रोजगार मिल जाऐगा जिससे आजीविका कमा सकेंगे। साथ में ग्रामीणों को पशुधन रखने के लिए सुविधायुक्त स्थान मिलेगा जो सभी मौसम के अनुकुल होगा। गौठान निमार्ण के साथ ही ग्रामीणों को आजीविका के बहुत से नए साधन मिलेंगे। जिसमें विशेष कर गोबर से खाद बनाकर विक्रय करना, गोबर से बनने वाले अन्य उत्पाद के साथ समूह भी सशक्त होकर आजीविका अर्जित करेगी। गौठान निर्माण के कार्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग की सेवाएं ग्रामीणों को उनके अपने गांव में ही मिलने लगेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राज्य शासन की सुराजी गांव6 योजना बहुत लाभकारी होगी और यह मिल का पत्थर साबित होगा।

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