एक माह से 15 से 20 संस्थागत प्रसव होता है इस उपस्वास्थ्य केन्द्र में कवर्धा। जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत बिरोड़ा में संचालित सरकारी अस्पताल में अपने गांव सहित आसपास के 10 से अधिक गांव के लोगों का विश्वास जीतने में कामयाब हुई है। बिरोड़ा की इस सरकारी अस्पताल में माह में 15 से 20 संस्थागत प्रसव किया जाता है। यही नहीं इस अस्पताल में क्षेत्र के दूरस्थ ढोढका, नवापारा, जंगलपुर, रक्से, बबई, नरोधी, धनगांव, नूनछापर सहित चिल्फी और सुदूर वनांचल के लोग यहां संस्थागत प्रसव कराने के लिए आती है। उत्कृष्ट कार्य के लिए इस अस्पताल प्रमुख कौशल्या कोरे, देवलाल कोरे को जिला कार्यक्रमों में सम्मानित भी किया गया है। कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण ने इस अस्पताल का निरीक्षण करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन और संस्थागत प्रसव कराने के साथ-साथ अस्पताल को उच्च स्वच्छता के मानकों के अनुरूप संचालित करने पर पूरी टीम को बधाई भी दी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनहित में इस तरह निरंतर काम करते रहे। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुदेश तिवारी ने बताया कि राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण के मार्गदर्शन में 80 एएनएम की भर्ती होने के बाद जिले में निरंतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसके परिणाम भी आने लगे है। उन्होंने बताया कि सहसपुर लोहारा के वनांचल क्षेत्रों के उपस्वास्थ्य केन्द्र सिंघनपुर जंगल, मोतिमपुर और मैदानी क्षेत्रों में संचालित उपस्वास्थ्य केन्द्रों में संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है। सरकारी अस्पतालों में एएनएम की भर्ती होने के बाद लोगों में विश्वास जागा है। बिरोड़ा अस्पताल की प्रमुख कौशल्या कोरे ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित मिशन जीरो होम डिलिवरी के उद्देश्यों के साथ टीम भावना बनाकर काम किया जा रहा है। इससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि हुई है। इस कार्य में स्वास्थ्य मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोकहित में संचालित जननी सुरक्षा योजना, आयुमति योजना, मुख्यमंत्री दवा पेटी योजना, मितानिन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, एनीमिया जॉच अभियान का सफलतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। Spread the love Post navigation ग्राम पंचायत कामाड़बरी के विभिन्न समस्या को लेकर ग्रामवासी ने ज्ञापन सौंपा कुण्डा शा.उ.मा.विद्यालय के छात्रों ने बनाया कबाड़ से जुगाड़